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From ₹0 to Global Markets – A Chemical Exporter’s Real Journey


In this podcast, we meet Rahulbhai — the founder of EXAGO INDIA and EXELCEM DUBAI, a dreamer who has carried the passion to achieve something big since childhood.


Introduction

0:01

नमस्ते लिसनर्स वेलकम टू चाय विद एक्सपोर्ट के एक्सपर्ट्स चाइल्डहुड कैसा रहा आपका?

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आई एम बॉर्न एंड ब्रॉट अप इन ऊजा। हमारा सोर्सिंग हमारे नेटवर्क्स इंडिया में उतना

0:11

वाइड है कि हमने लास्ट ईयर जीरे के साथ-साथ 10% तो मखाना का ही हमारा एक

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बकेट्स हुआ था। ग्लोबल मार्केट में देखने जाए तो बेसिकली स्पाइस इंडस्ट्री इज द बिगेस्ट मार्केट।

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अलग-अलग कंट्रीज में जाते हैं। मिडिल ईस्ट में गए तो उनका लैंग्वेज अलग है। जैसे चाइना में गए, यूरोप में गए। तो लैंग्वेज

0:29

बैरियर कितना मायने रखता है एक्सपोर्ट में? डिफरेंट कंट्रीज हैव डिफरेंट स्पिरिचुअल्स है। लैंग्वेज भी अलग-अलग है।

0:36

एक्सपोर्टर अगर मैं देखने जाऊं तो वहां पे अपने को अपॉर्च्युनिटी भी है कि नया लैंग्वेज अपने को सीखने भी मिलेगा।

0:42

इंडियन एक्सपोर्टर ऑन एन एवरेज $500 स्पेंड करता है डॉक्यूमेंटेशन पे फॉर

0:48

शिपमेंट। इट्स अ चैलेंजिंग जॉब। सुबह कोई मालूम नहीं होता है कि शाम को क्या होने वाला है। शिपज़ी सॉफ्टवेयर यूज़ कर रहे हो। सारी

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टेक्नोलॉजी आप ऑलरेडी यूज़ करते हो। जो एक्सपोर्टर्स एक्ज़िस्टिंग है जो वन स्टार, टू स्टार, थ्री स्टार है और अभी भी वो

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एक्सेल में ही काम कर रहे हैं। उनके लिए आप क्या कहना चाहोगे? अभी टेक्नोलॉजी में और भी अपग्रेड्स

1:06

आएंगे। वो दिन दूर नहीं है कि आप जस्ट इनवॉइस प्लेस करो। आपका बीएल ड्राफ्ट भी

1:11

बन जाएगा। आपका सीईओ भी बन जाएगा।

1:18

इंडियास में कहावत रही है? एक सक्सेस मैन के पीछे एक वूमन का हाथ होता है। और मेरी

1:23

जर्नी में भी वही है। एक न्यू एक्सपोर्टर को कंफ्यूजन रहता है कि यार नया स्टार्ट कर दे तो बजट क्या

1:28

होना चाहिए? आइडियल कोई नंबर डिपेंड्स करता है कि आप कौन सी प्रोडक्ट करना चाह रहे हो। कितने वॉल्यूम में करना

1:35

चाह रहे हो। नए एक्सपोर्टर से मेरे वही एक गुजारिश रहेगी कि आप पहले प्रोडक्ट को

1:40

पूरे अच्छे से समझो।

1:46

नमस्ते लिसनर्स वेलकम टू चाय विद एक्सपोर्ट के एक्सपर्ट्स पावर्ड बाय शिपज़ी सॉफ्टवेयर शिपज़ी बेसिकली एक सॉफ्टवेयर है

1:52

जो एक्सपोर्ट बिज़नेस को स्ट्रीमलाइन करता है और कस्टमर ऑर्डर से लेकर बीआरसी क्लोज तक की पूरी प्रोसेस मैनेज करता है। आज

1:58

हमारे साथ है मिस्टर नील पटेल फ्रॉम आदिनाथ कॉरपोरेशन। उंजा से आते हैं। एशियास बिगेस्ट स्पाइस एंड क्यूमिन मार्केट से

2:05

आते हैं। आज हम जानेंगे कि वह कैसे अपनी टीम बना रहे हैं। जो टू स्टार एक्सपोर्ट हाउस उन्होंने बनाया है। उसका ग्रोथ कैसे

2:12

किया उन्होंने और जो इंटरनेशनल मार्केट में जो बायर्स हैं, सप्लायर्स हैं जो पूरी एक्सपोर्ट की प्रोसेस है वो कैसे

2:19

मैनेज करते हैं। टेक्नोलॉजी में कैसे आगे जा रहे हैं वो लोग? फ्यूचर के प्लांस क्या है? क्या आदिनाथ का आईपीओ आएगा और काफी

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सारी चीजें हम जानेंगे। सो वेलकम नील भाई। हाउ आर यू? फाइन तो नील भाई आपने टू स्टार एक्सपोर्ट हाउस

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आदिनाथ कॉरपोरेशन है ऑलरेडी उससे पहले हम जानेंगे कि आपने कैसे टेक्नोलॉजी में प्रोसेस किया कैसे आप प्लान बना रहे हैं

2:41

आईपीओ आएगा या फिर सप्लायर बायर की चीजें नया बिजनेस कैसे स्टार्ट होता है ऊजा कैसे

2:47

पूरा क्यूमिन मार्केट वर्क करता है लेकिन क्या आप बता सकते हैं हम बचपन से स्टार्ट करते हैं चाइल्डहुड कैसा रहा आपका


Nilbhai’s Childhood

2:53

बेसिकली आई हैव ब्रोन एंड ब्रॉट अप इन उजा एंड मेरा प्राइमरी से हायर सेकेंडरी

3:01

एजुकेशन ऊंचा में ही हुआ है। देन आफ्टर फॉर फदर स्टडी मैं उंजा के बाहर ट्रैवल

3:08

किया हुआ हूं। जो एजुकेशन है अर्ली एजुकेशन और आदिनाथ से पहले जो आपका एक जो टाइम था वो कैसा रहा?


Life Before Adinath Corporation

3:16

बिफोर आदिनाथ मैं बाय प्रोफेशन मैकेनिकल इंजीनियर हूं। सो अप टू 2018 मैंने

3:23

मैकेनिकल फील्ड में मेरा एक्सपीरियंस हुआ। देन आफ्टर वो फील्ड्स में मेरे को जो पहले से एक

3:31

विज़न था फ्रॉम द चाइल्ड कि हां एक बिजनेस करना है। एक अच्छा कंपनी क्रिएट करना है।

3:38

सो दैट्स व्हाई वो फील्ड में अपने को जम नहीं रहा था। तो देन आफ्टर मैंने 2018 में

3:45

ये सब क्वीट किया मेकैनिकल इंजीनियरिंग का जो फील्ड था मेरा। देन आफ्टर मैं

3:52

प्रोग्रेस सोच रहा था कि क्या करें? क्या करें? तब सडनली मेरे को माइंड में एक थॉट

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आया कि चलो भाई हां ऊझा में ही यह स्पाइस मार्केट है एंड मैंने थोड़ा बहुत रिसर्च

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भी किया तो रिजल्ट वही आया कि हां एक्सपोर्ट का बिजनेस है उसमें

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ओपोरर्चुनिटी लॉट्स ऑफ है और यह पूरा अगर है तो समुद्र है इसमें सब नए प्लेयर्स

4:15

पुराने प्लेयर्स सबकी जगह है मैंने एक स्ट्रेटजी क्रिएट की और

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2018 में उसी दौरान मेरे हार्दिक जी एंड मिस्टर चंद्रकांत सर से भी मुलाकात हुई

4:27

एक एक्सपोर्ट इंडस्ट्रीज में कुछ करना है। देन आफ्टर हम

4:32

सब साथ में मिले और ये सब का डिस्कशन हुआ और हमारे 2018 से आदिनाथ कॉरपोरेशन की

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जर्नी स्टार्ट हो गई। स्टिल वी आर ग्रोइंग और वर्किंग कर रहे हैं। तो आदिनाथ के बारे में जब आप उंजा में किसी

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से बात करेंगे तो आपको जो सुनने मिलेगा वो मिलेगा कि एक बहुत ही बेहतर टीम है और जो

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उनका एक टीम मैनेजमेंट है जो नए यंगस्टर्स को जो मौका देते हैं जो ग्रूमिंग होती है

5:00

वो काफी अच्छी होती है। और एक और चीज जो लोग बताते हैं ऊंजा में आदिनाथ के बारे

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में वो है कि उनका जो लॉन्ग टर्म विज़न है वह बहुत ही स्ट्रांग है। तो जो भी लोग उनसे जॉइन होते हैं वो विजन को देख के जॉइन

5:14

होते हैं कि यह जो कंपनी है वो काफी स्ट्रांग ग्रोथ पे है। जो मैनेजमेंट है वो काफी स्ट्रांग है। तो हम पूरा प्रोसेस

5:20

जानेंगे कि यह कैसे पूरा प्लान होता है? कहां से वो इंस्पिरेशन मिलती है और आदिनाथ

5:25

क्या कर रहा है? कौन सी कंट्रीज में एक्सपोर्ट कर रहे हैं। सो निल भाई आदिनाथ अभी कितनी कंट्रीज में है।


Countries Where Adinath Corporation Exports Products

5:31

एज ऑफ नाउ आदिनाथ मोर देन 23 कंट्रीज में एक्सपोर्ट कर रहा है। एंड स्टिल वी आर


Global Demand for Indian Spices

5:44

सो इंडियन स्पाइसेस की ग्लोबल मार्केट में क्या डिमांड है? अगर ग्लोबल मार्केट में देखने जाए तो

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बेसिकली स्पाइसेस इंडस्ट्री इज द बिगेस्ट मार्केट एंड अपने प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र

5:55

मोदी जी सर का भी विज़न एक बड़ा है। उनका भी लाइक कैंपेन रहा हुआ है कि जो ऑल ओवर द

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वर्ल्ड है और उसमें एक्सपोर्ट को मैक्स टू मैक्स पोटेंशियल मिलता रहे। एंड आल्सो

6:10

सपोर्टिंग न्यू एक्सपोर्टर्स एंड स्टिल जो मार्केट में एक्सपोर्ट कर रहे हैं उनको भी उनका सपोर्ट मिल रहा है। एंड ग्लोबल

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मार्केट में डिमांड डे बाय डे इंडियन स्पाइसेस की ग्रोथ हो रही है। जैसे एक मैं

6:24

आपको एग्ज़ाम्पल देना चाहूं। मैं थ्री इयर्स पहले इन 2020 और 21 मैं कंट्री में गया था

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एज अ बिजनेस के लिए ओरिएंटेड में गया था। मैं बायरो से मिल रहा था। तो उसी दौरान

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मेरे को एक सडनली एक देखने में आया कि अह पहले वो कंट्रीज वगैरह जो थी वो

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टर्मरिक और वगैरह जो प्रोडक्ट्स है उसका कंजमशन नहीं कर रहा था और सडनली आफ्टर

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कोविड वहां पे टर्मरिक की डिमांड्स लॉट्स ऑफ हो

6:57

गए। तो मैंने दो-तीन इंपोर्टर्स जो थे मेरे उनसे मैं वही दौरान वो बातचीत हुई कि

7:02

भाई इतना क्यों डिमांड्स आपके वहां आ रहा है? सो उसी दौरान मेरे को जानने को मिला

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कि जब यह आयुर्वेद की वजह से उन्होंने उनके जो डॉक्टर्स है उन्होंने प्रिस्राइ

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कर रहे थे कि आप डेली वार्म वाटर में टर्मरिक पाउडर है या टर्मरिक को कंज्यूम

7:21

करना स्टार्ट करो। सो वही एक मिल रहा था। सो इट्स अ जस्ट एग्ज़ाम्पल कि हां जो पहले

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डिमांड्स अपनी नहीं आ रही थी। बट जो ग्लोबली जो पोजीशन बन रही है तो उस हिसाब

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से ग्लोबली इंडियन स्पाइसेस की डिमांड डे बाय डे इंक्रीस हो रही है। आई थिंक सिमिलरली ये जो मखना में हुआ है

7:41

कि जो सडनली जो राइज है न्यूट्रिशन को लेके और सारी चीजें

7:46

तो आई थिंक वो सिमिलर स्टोरी है। जैसे आप उंजा से बिलोंग करते हो जो इनके लिए ऊंजा फेमस है। तो जो नए जो अभी एक्सपोर्टर्स आ


Makhana Export: A Big Opportunity for New Exporters

7:55

रहे हैं जो मार्केट में तो उनके लिए क्या आप बता सकते हो कि बेसिकली सारे जो इंटरनेशनल बायर हैं उनको पता है कि

8:02

क्यूमिन लेना है तो उजा से लेना है तो जो नए लोग आ रहे हैं उनके लिए क्या पॉसिबिलिटीज है उसमें

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अगर अपॉर्चुनिटीज देखने जाए तो इट्स अ पहले जो मैं बोला कि ये पूरा समुद्र है

8:14

इसमें नए की भी जगह है जो एकिस्टिंग है वो भी काम कर रहा है डे बाय डे

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मार्केट में बढ़ रहा है। सो दैट्स व्हाई अगर नए प्लेयर्स ऐड ऑन हो रहे हैं वहां पे

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ओपोरर्चुनिटीज भी बढ़ रही है। जस्ट आपने जो दूसरा एग्ज़ाम्पल भी कि एज ऑफ नाउ आदिनाथ कॉरपोरेशन जाना जाता है मार्केट में

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क्यूमिंग के लिए। बट स्टिल लास्ट ईयर हमने हमारे बकेट लिस्ट में मखाना भी ऐड कर दिए।

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सो बेसिकली मखाना इज फ्रॉम बिहार। बट हमारा सोर्सिंग हमारे नेटवर्क्स इंडिया

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में उतना वाइड है कि हमने लास्ट ईयर जीरे के साथ-साथ हमारा जो 10% जो भी था

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एक्सपोर्ट उसमें 10% तो मखाना का ही हमारा एक बकेट्स हुआ था।

9:00

बेसिस पे ही ए्री प्लेयर हैव अपॉर्चुनिटीज ये मार्केट में। नहीं ये तो बेटर है। और ये जो फॉरेन


What Foreign Buyers Expect from Indian Exporters

9:07

बायरर्स है उनका बेसिकली एक्सपोर्टर से क्या एक्सपेक्टेशन रहता है? क्वालिटी को लेके या फिर ओवरऑल क्या उनको डिमांड रहती

9:14

ये वर्ड को मैं आपको सिंपली बताना चाहूंगा कि बायर ऑलवेज हैव सिमिलर माइंडसेट। अगर वो इंडिया का है, यूएस का है, दुबई का है और चाइना का है। दे नीड कॉम्पिटिटिव प्राइस एंड गुड क्वालिटी।

9:27

सो कॉम्पिटिटिव प्राइस और गुड क्वालिटी के बेस पे ही आप कमट कर सकते हो मार्केट में या फिर बायर को अट्रैक्ट कर सकते हो।

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दोज़ टू थिंग्स कॉम्पिटिटिव प्राइस एंड क्वालिटी वो मेन चीज है जो आपको बायर ऑनबोर्ड करने में इजी रहेगा।

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देन आफ्टर वो डिपेंड्स करेगा कि आपके साथ कैसा लॉन्ग टर्म जुड़ रहा है कि आपकी सर्विस कैसी है। आपका कस्टमर के साथ लाइक रिलेशन आप कैसे मेंटेन कर रहे हो।

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तो वो एक आपका लॉन्ग टर्म ग्रोथ के लिए वो आपको सेकेंडरी हेल्प करेगा और फैक्टरी अपना इंडिया के जो एक्सपोर्टर्स है वो कौन सी चीजों में स्ट्रांग है? ओवरऑल अगर मार्केट देखें

10:05

करेगा और फैक्टरी अपना इंडिया के जो एक्सपोर्टर्स है वो कौन सी चीजों में स्ट्रांग है? ओवरऑल अगर मार्केट देखें


Key Strengths of Indian Exporters in Global

10:12

एक्सपोर्ट का ऑल अदर कंट्रीज की कंपेयर करें तो अपना जो इंडियन एक्सपोर्टर्स है और आप तो इवन मैन्युफैक्चरर भी हो तो आपको

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डिटेल में पता होगा कि इंडियन जो एक्सपोर्टर है वो कहां पे स्ट्रांग है? बेसिकली इंडियन एक्सपोर्टर्स अगर मैं एज अ

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एक्सपोर्टर्स की नहीं और कम्युनिटी एज अ इंडियन कम्युनिटी की बात करें तो बेसिकली

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इंडियन कम्युनिटी वर्क पोटेंशियल इंडियन पर्सन का बहुत अच्छा रहा है। नाउ अ डेज

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एंड आल्सो दे आर कमिटेड फॉर देयर वर्क देयर हायरर्स के साथ जो कॉन्ट्रैक्ट्स हुए

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हैं वो स्टिक टू वो कमिटमेंट्स पर रहते हैं। मार्केट कुछ भी प्लस माइनस हुआ या

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कुछ भी नेचर क्लाइमेटीज आई दैट्स आर सेकेंडरी थिंग्स बट सस्टेनेबिलिटी लाने के

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लिए इंडियन एक्सपोर्टर्स ये कोशिश कर रहे हैं एंड नाउ आ डे इंडिया में टैग का भी

11:00

अच्छे-अच्छे ऑप्शंस आ रहे हैं। डे बाय डे गवर्नमेंट्स भी पोर्टल्स सॉफ्टवेयर भी अपग्रेड कर रही है। सो वहां पे उनको भी एक

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इजी मूविंग अपोरर्चुनिटीज हो रही है। आपने ये जो कॉम्पिटिटिव प्राइस की बात की


How Technology Helps Exporters Offer Better Prices

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तो क्या उसमें टेक्नोलॉजी हेल्प करती है? आप क्या सोचते हो टेक्नोलॉजी से क्या प्राइसिंग में कुछ डिफरेंस आता है?

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डेफिनेटली एक लाइक वेपन भी बोल सके कोई भी जैसे एक्सपोर्टर है तो एक्सपोर्टर इज अ वॉरियर तो उसका भी एक वेपन अभी रिसेंटली हुआ है के वो टैक है बेसिकली लाइक मैं बात

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वॉरियर तो उसका भी एक वेपन अभी रिसेंटली हुआ है के वो टैक है बेसिकली लाइक मैं बात


How Shipzy Software Helped Adinath’s Export Business

11:33

करूं तो वो डेली डॉक्यूमेंटेशंस है जो शिपमेंट फॉलो अप्स के देन आफ्टर जो

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आफ्टर पोस्ट शिपमेंट्स जो प्रोसीजर्स है वो उसको टाइम कंज्यूमिंग करने के लिए भी

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हेल्पफुल हो रहा है एंड जो प्री शिपमेंट प्रोसीजर है। उसमें भी एक मिनिमाइज और

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आपको डेली उसका रिमाइंडर्स की वजह से टाइम कंज्यूम हो रहा है। टाइम कंज्यूम हो रहा

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है तो डेफिनेटली आप कॉस्ट कटिंग है प्रक्योरमेंट की जो आपकी प्रोसीजर है

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उसमें आप फोकस कर सकोगे। तो बेसिकली उस हिसाब से आपके जो मटेरियल जो फिनिश

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प्रोडक्ट बनाने में जो कॉस्ट अपनी आ रही है उसको मिनिमाइज करके आप अपने प्रॉफिटेबिलिटी और कॉम्पिटिटिव प्राइस में

12:19

आप मैक्स टू मैक्स का पोटेंशियल डाल सकोगे। मार्केटिंग से लेके प्रोक्योरमेंट


Market Research Strategy Used by Adinath Corporation

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डॉक्यूमेंटेशन लॉजिस्टिक हर एक स्टेप में आपको कोर्स कटिंग करनी है।

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और मैं एक स्टडी कर रहा था वर्ल्ड बैंक की एक स्टडी थी जिसमें ओवरऑल लिखा था कि इंडियन एक्सपोर्टर ऑन एन एवरेज $500 स्पेंड करता है डॉक्यूमेंटेशन पे फॉर शिपमेंट। जैसे $500 डॉक्यूमेंटेशन का हो गया। फिर लॉजिस्टिक का हो गया। मान लो

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आपका मार्केटिंग स्ट्रांग नहीं है। आप काफी पैसे मार्केटिंग में स्पेंड कर रहे हो। तो फिर आपको हर एक स्टेप में गोस्ट कटिंग करनी पड़ती है।

12:50

उसके हिसाब से अगर देखें तो आपको फिर मार्केट रिसर्च करना पड़ेगा कि कौन सी कंट्री एस पर द माय प्राइिंग बेटर रहेगा।

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तो आप मार्केट रिसर्च कैसे करते हो और जो कंट्री बाय कंट्री आप अगर जाते हो तो आपका क्या स्ट्रेटजी रहता है रिसर्च में?

13:03

अगर मार्केटिंग ओरिएंटेड अपना रिसर्च की बात करें तो एज ऑफ नाउ इंडियन गवर्नमेंट लॉट्स ऑफ पैस में इंडियन एक्सपोर्टर को

13:10

सब्सिडाइज और वगैरह कर रही है। वजह से उनको लाइक चीपेस्ट रेट में और सब्सिडाइज रेट से एक्सपोर्टर्स को नया मार्केट क्रॉ करने के लिए उनको अपोरर्चुनिटीज मिल रही है।

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और अगर नए मार्केटिंग और रिसर्च के बारे में बात करें तो डेफिनेटली रिसर्च जरूरी है। कोई भी प्रोडक्ट अगर बेचना चाहो

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तो आपका जो आपका को स्ट्रेंथ है जो प्रोडक्ट में आप आपका एक्सपोर्ट करना चाह रहे हो पहले आपको अच्छे से एक प्रोडक्ट नॉलेज होना चाहिए।

13:44

अगर आपको प्रोडक्ट नॉलेज नहीं होगा तो आप टारगेट सेगमेंट को बीट नहीं कर पाओगे।

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देन आफ्टर आपको सर्च आउट करना पड़ेगा कि आप वहां कहां कौन सी कंट्री में सबसे ज्यादा आपकी प्रोडक्ट्स की डिमांड्स है।

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वहां आपको टारगेट ऑडियंस मिलेगी। कहां पे आपको बायर मिलेंगे। वो आपको सेकेंडरी एक फाउंड करना पड़ेगा।

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एंड आफ्टर वहां पर कौन से डॉक्यूमेंटेशन चल रहे हैं? कौन सी सेगमेंट पर क्या डिलीवरी टर्म्स है वो सब आप बेसिकली थर्ड पोर्शन है वो आपको एक फाइंड आउट करना पड़ेगा।

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देन आफ्टर आपका कंप्लीट नॉलेज हो जाएगा। यानी आपका रिसर्च बुक रेडी हो जाएगा फॉर योर प्रोडक्ट और एंड फॉर योर बायरर्स अकाउंट।

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देन आफ्टर यू गो टू द कंट्री एंड आप आपके बाहर से मिलो और मैक्स टू मैक्स कम्युनिकेशन करो देन ट्राई टू कन्वर्ट योर फायर इनू योर बकेट लिस्ट

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कम्युनिकेशन करो देन ट्राई टू कन्वर्ट योर फायर इनू योर बकेट लिस्ट


Does Language Barrier Still Matter in Export Business?

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अलग-अलग कंट्रीज में जाते हैं जैसे मिडिल ईस्ट में गए तो उनका लैंग्वेज अलग है जैसे चाइना में गए यूरोप में गए तो लैंग्वेज

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बैरियर कितना मायने रखता है एक्सपोर्ट में डेफिनेटली एक्सपोर्ट में आज

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डिफरेंट कंट्रीज हैव डिफरेंट स्पिरिचुअल है उनके लैंग्वेज भी अलग-अलग है। बट एज ए

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एक्सपोर्टर अगर मैं देखने जाऊं तो वहां पे अपने को ओपोरर्चुनिटी भी है कि नया लैंग्वेज अपने को सीखने भी मिलेगा। और आज

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अगर टेक्नोलॉजी है तो लैंग्वेज बैरियर मेरे लिए अगर मैं पर्सनली मेरी बात करूं

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तो लैंग्वेज बैरियर टेक्नोलॉजी के जमाने में वो एक बैरियर रहा ही नहीं है। बिकॉज़

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अभी तो अच्छे-अच्छे एप्स अपने को मिल रहे हैं कि कोई भी आप आपकी इवन दो टिपिकल आपने

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गुजराती में भी अगर कुछ बोले तो वह चाइनीस में भी कन्वर्ट हो जाता है। अगर चाइनीस बोले तो अपने गुजराती में भी कन्वर्ट हो

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जाता है। सो उसी वजह से कम्युनिकेशन जो हो रहा है वो एक स्मूथ हो रहा है। जो पहले की

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अगर ऐसे जब इतना ग्रो नहीं हो रहा था तो चारप साल पहले की अगर मैं बात करने जाऊं

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तो उस टाइम अपने को एक मिडिल मैन रखना पड़ता था जो बेसिकली ट्रांसलेट का काम करे

15:54

तो ये सब रिप्लेस हो रहा है बिकॉज़ ऑफ़ टेक्नोलॉजी बिकॉज़ ऑफ ये डे बाय डे अपग्रेड

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हो रहा है वर्ल्ड तो उस हिसाब से वो इजी कम्युनिकेट हो रहा है। आई थिंक यह जो


How Technology Solves Common Export Problems

16:07

एकिस्टिंग एक्सपोर्टर है या फिर जो नए आ रहे हैं उनको देखना चाहिए कि हर एक प्रॉब्लम को पहले टेक फर्स्ट से देखना चाहिए कि क्या यह टेक्नोलॉजी सॉर्ट कर सकती है अगर नहीं कर सकती तो ये आगे जाके कोई और सशन देखे मतलब जो भी प्रॉब्लम है

16:21

टेक फर्स्ट ये डॉक्यूमेंटेशन आ गया कंप्लायंस आ गया फिर मार्केटिंग हो गया तो टेक्नोलॉजी से कितना हो सकता है डेफिनेटली टेक्नोलॉजी तो जैसे मैंने अभी बोला कि टेक्नोलॉजी हेल्प आउट करती है

16:32

अपने को कि जो मिनिमाइज कर रही है अभी अभी टेक्नोलॉजी में और भी अपग्रेड्स आएंगे।

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मैं अगर फ्यूचर की अगर बात देखने जाऊं तो वो दिन दूर नहीं है कि आप जस्ट इनवॉइस प्लेस करो। आपका बीएल ड्राफ्ट भी बन जाएगा। आपका सीईओ भी बन जाएगा। फाइट भी बन के डायरेक्ट मेल हो जाएंगे।

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तो माइट बी वो एक फ्यूचर आएगा। अगर जैसे ये वर्ल्ड ग्रो हो रहा है, टेक्नोलॉजी डे बाय डे इंक्रीस हो रही है तो डायरेक्टली वो गवर्नमेंट्स में अपलोड हो जाएंगे। वो ऐसे माइट सॉफ्टवेयर आ सकते हैं।

16:58

हो रही है तो डायरेक्टली वो गवर्नमेंट्स में अपलोड हो जाएंगे। वो ऐसे माइट सॉफ्टवेयर आ सकते हैं।


How Adinath Corporation Built a Strong Export Team

17:04

आई थिंक ये जो आपका थिंकिंग है टेक्नोलॉजी वाला इसीलिए मैं जब आपकी ऑफिस विजिट करता

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हूं तो यंगस्टर जो वर्क करते हैं वो एस एन ओनरशिप करते हैं कि ये मेरा काम है। मेरे को मजा आ रहा है मुझे करना है। क्योंकि एज

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एन लीडर आप टेक्नोलॉजी फर्स्ट हो। आप कुछ नया ट्राई करते हो और ऑब्वियसली आप जब 10

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चीजें ट्राई करते हो तो एट फेल होती है। लेकिन जो आपके नीचे की जो टीम है उनको दिखता है कि भ कुछ ना कुछ नया हो रहा है।

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ग्रोथ हो रहा है। तो हम अगर टीम की बात करें तो टीम बिल्डिंग में मैंने तो ऑब्वियसली देखा हुआ है कि

17:35

आपकी जो एग्जिस्टिंग टीम है वो हैप्पीली वर्क करती है। सब अपना टास्क पूरे फोकस से

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करते हैं। आपका हायरिंग कैसा रहता है? आप अगर हायर करते हो तो कैसे लोगों को हायर करते हो? एजुकेशन देखते हो आप या फिर किसी

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ने अगर क्लासेस किया हुआ है कैसे देखते हो आप आदिनाथ में हमारा एक होमली एनवायरमेंट

17:55

रहता है हार्दिक सर भी अगर कंपनी में होते हैं तो मैं पर्सनली मेरे को लाइक एज अ टीम

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लीडर या जो डॉक्यूमेंटेशन टीम है जो लॉजिस्टिक टीम है अकाउंट्स टीम है वो पूरा

18:10

एक लाइक एक घर के अगर सदस्य है उस हिसाब से ही हमारा एक एनवायर टूर्नामेंट रहता है

18:16

और मैं मेरी टीम में और कंपनी में कभी भी मैंने मेरे को एज अ टीम लीडर रिप्रेजेंटेट

18:23

नहीं किया है। मैं आज भी और डेली रूटीन में भी पूरे टीम के साथ ही बैठ के पूरा

18:30

वर्क कंप्लीट करता हूं। जो डेली टूडू लिस्ट होते हैं या जो डॉक्यूमेंटेशन या

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कोई फॉलो अप्स वगैरह है। तो टीम के साथ ही एज अ टीम मेंबर बनके ही काम करना। मुझे

18:43

पर्सनली लाइक पसंद है भाई आदिनाथ कॉरपोरेशन में जो आपका टीम के

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साथ काम करने का जो अप्रोच है वो क्या है और जो हायरिंग करते हो आप तो एजुकेशन और

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क्या देखते हो बेसिकली आदिनाथ में जो हमारा टीम वर्किंग है तो हमारा साथ में ही एज एन नॉट अ टीम

19:04

लीडर या कोई कंपनी में ये हमारा वो सिस्टम नहीं है। हम इकट्ठा एक ही घर है। एक ही

19:12

मेंबर्स है। उस हिसाब से हमारी वर्किंग सिस्टम्स रहती है। इवन जो हमारे प्रमोटर है मिस्टर हार्दिक सर उनका भी हमारे साथ

19:20

एज अ फैमिली मेंबर्स ही है। उनके भी कम्युनिकेशन हमारे जब टीम मीटिंग्स भी

19:27

होती है एज अ फैमिली मेंबर्स जैसे घर में अगर कोई बात कर रहा है, कोई टॉपिक डिस्कस कर रहे हैं उस हिसाब से ही हमारे एक

19:33

सिस्टम्स है और अगर बात हो करें तो हायरिंग तो हायरिंग में जो मेरा पर्सनली

19:40

व्यू है तो मैं एक पर्सन का एटीट्यूड एंड दूसरी सेकेंडरी चीज़ आती है उसका एजुकेशन

19:48

एंड जो मैं मेन फोकस करता हूं कि जो हर बंदे में जो एक लाइक जो भूख बोलते हैं जो

19:57

उसको एंगरनेस कितना है काम करने की कैपेबिलिटी कितनी है या उसको वर्क करना

20:02

कितना पसंद है उस बेसिस को मैं थोड़ा ध्यान में ज्यादा रखता हूं एंड टेक्नोलॉजी में

20:11

उसका यूज़ केस कैसा है वो कैसे कोई प्रोडक्ट्स को हैंडल कर रहा है तो बेसिक्स

20:17

मेरे चेक पॉइंट्स है जो मैं हायरिंग के टाइम वो

20:22

चेक करके रिक्रूट करता हूं आई थिंक आप तो ऑलरेडी आदिनाथ कॉरपोरेशन


How Gen Z Wants to Work in Today’s Business World

20:27

ऑलरेडी टैक अनेबल्ड है जैसे आप सेजी सॉफ्टवेयर यूज़ कर रहे हो कई सारी टेक्नोलॉजी आप ऑलरेडी यूज़ करते हो जो

20:33

एक्सपोर्टर्स एक्सिस्टिंग है जो वन स्टार टू स्टार थ्री स्टार है और अभी भी वह एक्सेल में काम कर रहे हैं और उनके लिए आप

20:39

क्या कहना चाहोगे क्योंकि जो आप हायरिंग कर रहे हो। आज 2025 है। मतलब आज जो आप

20:45

हायर कर रहे हो वह बंदा 25 साल तब होगा और 25 साल मतलब वो 200 में बोर्न हुआ होगा।

20:51

2011 में उसको Android मिला होगा और वो Android के साथ पूरी अपनी जिंदगी जी रहा

20:56

है। उसको आप लेके आओगे और एक्सेल दोगे या फिर आप नोटबुक दोगे तो वो एक वो काम ही

21:02

नहीं करेगा। वो अप्रोच नहीं काम करता। लेकिन काफी सारे लोगों को यह समझ में नहीं आता। उनको लगता है एक्सेल मतलब टेक्नोलॉजी

21:08

है तो और ये चीजें हायरिंग में भी लगती है और फिर लगता है मेरे टीम मेंबर टिकते नहीं है या फिर मेरे को प्रॉब्लम हो रहा है आ

21:15

रहे हैं जा रहे हैं ये हो रहा है वो हो रहा है तो आप उनके लिए क्या कहोगे आप कैसे करते हो जैसे आपने बोला आप एटीट्यूड देखते

21:21

हो और हंगर देखते हो तो जैसे आप हायरिंग कर रहे हो तो अभी जो नए लोग हैं उनमें

21:26

क्या दिखता है उनको क्या चाहिए होता है बेसिकली जो अभी के जो डॉक्यूमेंटेशन में

21:32

रिक्रूटमेंट्स आ रहे हैं या अकाउंट्स में आ रहे हैं लॉजिस्ट िस्ट्रिक्ट डिपार्टमेंट में हैंडलिंग में आ रहे हैं। तो जैसे आपने

21:39

बताया कि ये जनरेशन अभी आ रही है लाइक 2000 के बाउंड्स वगैरह है। तो यस

21:46

डेफिनेटली दे आर नोन के यस आज हमारे जैसे 92 बन वाले हैं आप तो हमारे को जितना टेक

21:53

में एंगेज होने में जितना टाइम लग रहा है उससे वो बहुत इजीली वो कनेक्ट हो जाते

22:00

हैं। बिकॉज़ दे आर एंडroid अभी सब लोग जेंजी बोलते हैं उसको बट एज अ बिजनेस

22:06

प्रोस्पेक्ट मैं देखने जाऊं तो दे आर एंडroid वर्जन एंड मैक वर्जन भी है वो सब

22:12

उन लोगों को लाइक कॉर्पोरेट माइंडसेट से काम करना पसंद है। डेफिनेटली एक्सपोर्ट

22:18

फील्ड कॉर्पोरेट है। एंड स्टिल सम ऑफ पोर्शनंस में जो टिपिकल सिस्टम्स है वही


How Adinath Corporation Built a Strong Export Team

22:25

फॉलो करनी पड़ रही है। और ये सब पूरा एक मिक्सचर चल रहा है अभी मार्केट पे। तो

22:32

उनको जो टास्क या वर्क देते हैं उनको तो अगर टैक

22:38

के साथ अपना देते हैं तो वो उनके पोटेंशियल काम जो है वो इफेक्टिवली एंड

22:46

करेक्टली निकाल के देते हैं। सो एक्सेल्स वगैरह में उनको देते हैं। तो लाइक उनको एक

22:52

ऑर्थोडॉक माइंडसेट जैसे व्यू आता है हमारे लिए कि हां भाई टिपिकल यार क्या कर रहे हैं ये

23:00

कंपनी वाले कि स्टिल स्टिक ऑन एक्सेल्स जो अभी इतना इनेबल हो गया है इतने अच्छे

23:07

सॉफ्टवेयर आ रहे हैं लाइक सीजी और वगैरह तो वो क्यों नहीं यूज़ कर रहे हैं तो एक उनका भी व्यू होता है तो

23:16

यहां पे एक डिफरेंशिएट क्रिएट हो जाता है अगर आपको एसजी सीरीज को आपके टीम में ऐड

23:23

ऑन करना है तो यू हैव टू मस्ट ऐड योर टेक इन कंपनी।

23:28

करेक्ट। तो बेसिकली एक कांसेप्ट है जो हम ऑफलाइन भी बात कर रहे थे कि लाला भाई की


What Is the Lalabhai Concept and How It Works

23:28

करेक्ट। तो बेसिकली एक कांसेप्ट है जो हम ऑफलाइन भी बात कर रहे थे कि लाला भाई की

23:34

कंपनी और एक कॉरपोरेशन। अभी जो यंग जनरेशन है उनको चाहिए प्रॉपर कॉरपोरेट

23:41

जॉब जिसमें स्ट्रेटजी है जिसमें टीम मीटिंग्स है जिसमें प्लानिंग है और जो आप

23:46

बोलते हो वही आप एग्जीक्यूट करते हो। तो लाला भाई का अभी थोड़ा बात करेंगे कि

23:52

जिनको नहीं पता है हम हम लोग बता दें कि मार्केट में अभी एक जो टर्म है लाला भाई की कंपनी मतलब जो फादर या ग्रैंडफादर की

23:59

कंपनी चला रहा है जिसका कोई स्ट्रेटजी नहीं है कोई प्लान नहीं है मतलब वो मॉर्निंग में उठ के जो मूड है या फिर जो

24:06

रील्स देखी उसके हिसाब से पूरा दिन काम करेगा अगर कल उसने गद्दर की रील देख ली तो वो गद्दर के हिसाब से काम करेगा वो उसी

24:13

तरीके का चलता है पूरा तो उनको बोलते हैं लाला भाई की कंपनी और जो एक कॉर्पोरेट कंपनी होती है वो प्रॉपर्ली स्ट्रेटजी के

24:20

हिसाब से चलते हैं। एसओपीस के हिसाब से चलते हैं और जो कि प्लान करते हैं और उनका

24:25

एक पर्टिकुलर प्रोसेस होता है कि हम बायर को ऐसे अप्रोच करेंगे। यह हमारा कॉस्टिंग

24:31

रहेगा और यह हमारा नो रिग्रेट प्राइस रहेगा और ऐसे हम लोग फैट फटर से अप्रोच

24:36

करते हैं या फिर सीएचए से तो पूरी जो एंड टू एंड प्रोसेस होती है वो एक रिटर्न में

24:41

होती है या फिर वेल कम्युनिकेट होती है। मूड पे नहीं होता कि चलो आज है तो चलेगा

24:46

कल नहीं चलेगा। अह नील भाई क्या आप एग्री करते हो कि लाला भाई ऐसा ही काम करते हैं? डेफिनेटली

24:52

लाइक उसको जनरेशनल बिनेस कहते हैं। अगर अच्छी लैंग्वेज में बोलना चाहे और

24:57

सेकेंडरी फॉर फादर वाली कर दी और अभी क्या जो आपने वर्ड बोला वो भी

25:04

अच्छा है कि लाला भाई की कंपनी एंड वो उनका वर्किंग सिस्टम वही होता है। एंड

25:10

अगर आज मार्केट में एज अ एक्सपोर्टर या इंपोर्टर भी सस्टेन करना है कोई भी बिजनेस

25:17

हो इट्स नॉट ओनली एक्सपोर्ट की बात करें अगर उसको सस्टेन करना है आपको ग्रो करना

25:23

है तो यू हैव टू थिंक डिफरेंट कि जो जनरेशनल बिजनेस है उससे अलग अपने को सोचना

25:29

है कि हां भाई आज मैं इतने साल में फादर ने यह कर दिया तो मैं उसके बहुत कम टाइम

25:39

में या उसको वेल ऑर्गेनाइज्ड फील्ड में उसमें आप बात कर सको कि एसओपीस है आपके

25:46

वर्किंग के जो स्टेप्स है वे पे ऑफ कम्युनिकेशन हो गया वो सब में आपको ऐड ऑन करना पड़ेगा

25:54

टैक इनेबल होना पड़ेगा तब जाके ही आप आपका जो लाला भाई वाली कंपनी है और आज के

26:01

कॉर्पोरेट माइंडसेट वाले जो बायरर्स है उनके साथ आप डील कर पाओगे या उनके जैसे

26:08

लाइक कॉर्पोरेट जो कंपनीज़ है जो लीडिंग प्लेयर्स है इन मार्केट उनसे आप बीट कर

26:14

पाओगे। सुनील भाई क्या बता सकते हो ऊजा में कितने लाला भाई है? ऐसा नहीं है। मुझे आज समझो

26:20

जीरे का एक हब है ऑल ओवर द वर्ल्ड मैं बोलने जाऊं कोई भी बायर है अगर वो

26:27

प्रोडक्ट सर्च कर रहा है क्यूमिन फैनल देन उसको गर्ल सर्च में उसको फर्स्ट थिंग आएगी

26:34

उजा कि जीरा लेना है या नहीं उजा का लेना है। एंड उजा को एक कल एक नेम भी मिला है।

26:41

वर्ल्ड्स की बिगेस्ट स्पाइस सिटी ऑफ इंडिया भी बोला जाता है। एंड

26:47

हमारे यहां जनरेशनली बिजनेस है बट स्टिल लॉट्स ऑफ एक्सपोर्टर्स आ रहे हैं। नए

26:53

जनरेशनल भी एक्सपोर्ट्स आ रहे हैं कि जिनका फादर का टिपिकल डोमेस्टिक वर्क्स

26:58

था। सम ऑफ लेयर्स हैव लाइक एपीएमसी में अगर हमारा बोला जाए कि वह जो कच्चे के

27:04

व्यापारी हमें बोलते हैं कि जो फार्मर्स है प्रैक्ट करते हैं एंड एक्सपोर्टर दे

27:10

डोमेस्टिक जो मैन्युफैक्चरर्स है उनको वो मटेरियल्स अल आउट करते हैं। उनके भी नए जनरेशन ये एक्सपोर्ट है फील्ड्स में ऐड ऑन

27:18

हो रहे हैं। तो यस उजा पहले टिपिकल सिस्टम से ही वर्क ऑन कर रहा था बट डे बाय डे

27:24

इनक्रीस हो रहा है। ग्लोबली अपग्रेड हो रहा है। एंड आज उछा को एक वेल

27:30

नोन नाम प्राप्त हुआ है। एक लाइक छोटी सी बात है। अगर आप एलसीडीएक्स में देखने

27:37

जाओगे तो जीरा बाद में आता है। ऊंजा पहले आता है। ऊंजा की लेगसी हो गई कि हां भाई

27:42

जीरा यानी ऊंजा तो एक नाम जुड़ गया है। मैं बता दूं लाला भाई की बात के लिए तो जो

27:49

जनरेशनल बिनेसेस होते हैं उन उनकी एक अलग स्ट्रगल होती है। हम लोग मजाक करते हैं कि

27:54

लाला भैया ये सब लेकिन जो एक फादर और सन की जो एक स्ट्रगल होती है टेक्नोलॉजी की

27:59

और नॉन टेक की तो वो एक अलग ही है तो वो एक अलग पूरा एक टॉपिक है तो नील भाई आप जो


How Team Communication Happens Daily at Adinath Corporation

28:06

टीम मीटिंग्स करते हो और जो आपका एक प्रोसेस रहता है आप कैसे वीकली मीटिंग्स करते हो मंथली मीटिंग्स करते हो सेल्स की

28:13

मीटिंग अलग रहती है परचेस की अलग रहती है कैसे करते हो आप तो बेसिकली हमारे कंपनी में मॉर्निंग में

28:19

एक जनरल मीटिंग होती है तो बेसिकली मैं और हमारे लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट हो गया

28:24

डॉक्यूमेंटेशन अकाउंट डिपार्टमेंट एंड हमारे पार्टनर्स है जलपेश भाई वो बेसिकली पूरा प्रोडक्शन एंड द बैकमेंट देखते हैं।

28:32

तो हमारी एक ग्रुप मीटिंग हो जाती है जब मॉर्निंग सेशन में हम वही एक डिस्कस कर

28:37

लेते हैं कि भाई हां आज के दिन में कौन-कौन से बेसिक एंड इंपॉर्टेंट टास्क है के जो वी हैव टू फिनिश बाय टुडे। आज कोई

28:45

अह एक्सपोर्ट्स का ऑर्डर है तो प्रक्योरमेंट टीम एंड मैन्युफैक्चरिंग टीम से फ़ीडबैक्स भी होने चाहिए कि भ आज हां

28:52

उसको अपग्रेड अपडेट देना है कि आज आपका ये लास्ट ये वीक में आपका शिपमेंट निकलने

28:58

वाला है। यह वीएसएल में जाने वाला है। तो ये बेसिकली जब ये एक पूरा टीम कम्युनिकेशन

29:05

होता है देन आफ्टर एक पूरी एक आप जो चैनल अगर बोल रहे हो तो वहां पे आपको फाइनललाइज

29:11

होती है कि हां हर एक को उसका टास्क मिल जाता है कि उसको क्या कौन-कौन सा करना है

29:17

कौन से पीओ पे आप आज वर्कआउट करोगे कौन सा शिपमेंट हो गया उसका डॉक्यूमेंटेशन का क्या स्टेटस आ रहा है सो बेसिकली ये सब

29:25

डिस्कस होने के बाद सब हमारे काम पे लग जाते हैं देन आफ्टर सर सेकंडली नेक्स्ट डे

29:33

वही एक रिपीटेशन हो जाता है कि भ क्या पेंडिंग हो गया क्या नया ऐड ऑन करना है

29:38

क्या नया अपग्रेड में है बाकी जो हमारे डॉक्यूमेंटेशन और फॉलो अप्स वगैरह है जो

29:44

शिपमेंट्स के अपडेट्स वगैरह है वो तो सिर्फ से और डायरेक्टली सबको वो देख लेते

29:49

हैं हर एक डिपार्टमेंट वाला कि भ कौन कौन सा किसको क्या करना है। बाकी टीम मीटिंग में हमारी वही कोशिश रहती है कि मैक्स टू

29:56

मैक्स कितना और इफेक्टिवली और विदाउट एरर तो मेरा पर्सनली व्यू रहता है कि बायर से

30:02

कंप्लेन नहीं आनी चाहिए कि बाहर अपने को बोलना नहीं चाहिए कि भ ये क्या हुआ यह

30:08

क्या हुआ उससे पहले अपना उनके पास कमेंट पहुंच जाना कि आपका ये स्टेज पे आ गया है

30:14

करेक्ट तो वहां से हमारे डिफरशिएट भी हमारे को मिलता है ऑफ आदिनाथ कॉरपोरेशन को कि भाई

30:21

हां दूसरी कंपनियों की डिफरेंस में उनका अप्रोच एंड जो अपडेट सिस्टम है वो फास्ट

30:30

है इन कंपेरेटिव टू अदर एक्सपोर्टर्स। करेक्ट और आजकल के बाहर कन्वीनियंस देखते हैं ना कि मैंने एक ऑर्डर दिया एक्स कंपनी

30:37

को और दूसरा Y को दिया। एक्स ने मुझे प्राइस थोड़ा ज्यादा दिया लेकिन कन्वीनियंस है। मेरे को कोई प्रॉब्लम नहीं

30:43

है। कोई मेंटल हेडेक नहीं है। अपडेट्स आ रहे हैं। फिर कम्युनिकेशन उनका बेटर है। पूरा जो प्लानिंग है वो बेटर है। सब कुछ

30:49

अप टू डेट रहता है। और जो व कंपनी है रेड डाउन देती है। लेकिन फिर वो ब्लैंक रहता है कि क्या होगा क्या होने वाला है कुछ

30:56

पता नहीं रहता। तो आई थिंक ये टेक्नोलॉजी और ये टीम मीटिंग्स में जब आप टर्न सेट करते हो पूरा वीकली जैसे स्टैंडर्ड

31:02

ऑपरेटिंग प्रोसीजर हो गई कि हम लोग ऐसे ऑपरेट करते हैं। हर एक मीटिंग में कुछ इंप्रूवमेंट करते हो या कैसे करते हो?

31:07

जैसे 2 महीने पहले की जो आपकी पूरी प्रोसेस थी या फिर आप जैसे ऑपरेट कर रहे थे फिर आप नेक्स्ट स्टेप में या फिर 1

31:14

महीने के बाद 2 महीने के बाद कुछ इंप्रूवमेंट का ट्राई करते हो या क्या प्लान रहता है? यस डेफिनेटली ये सब बैरे करता है कि जो

31:22

एसओपीस है एसओपी को फॉलो करना इट मस्ट बी एंड उसके बाद एक ट्रायल रन रहता है कोई भी

31:28

एसओपी बनता है देन फाइनलाइज तो है मगर एक रन करना पड़ता है कि हां उस हिसाब से अगर

31:35

काम करें और अगर कुछ तो वहां पे फीडबैक्स अगर आ रहे हैं लाइक टीम मेंबर्स भी कभी

31:40

मैं टीम मेंबर से भी फीडबैक लेता हूं कि हां भाई आपने ये किया है तो इसमें अपना क्या चेंज आउट कर सके कि भाई इसमें आपको

31:48

वर्किंग करने में क्या हर्टल्स आ रही है आपका क्या फीडबैक है कि भाई इसको कैसे इजी

31:53

कर पाए जैसे हमारे मुकुंद भाई एंड दीप भाई ने आपको बहुत परेशान कर दिया ये

31:59

डॉक्यूमेंटेशन की जो पूरा सेटअप करने में तो उस वजह से वो थोड़ा एक स्ट्रेटजिकली

32:05

चेंज करना पड़ता है और जैसे मार्केट के मूव्स होते हैं, उस हिसाब से थोड़ा

32:11

फ्लेक्सिबल तो होना ही पड़ता है यह सब फील्ड में। बिकॉज़ इट्स अ चैलेंजिंग जॉब। एक्सपोर्टर की लाइफ अगर बोलने जाए तो इट्स

32:18

अ चैलेंज है। सुबह कोई मालूम नहीं होता है कि शाम को क्या होने वाला है। करेक्ट। और आपने जो 8 साल में ग्रोथ किया


Scaling to a 2-Star Company with Strong SOPs

32:25

है आई थिंक 8 साल में टू स्टार कंपनी बनाना और विदाउट टेक ये पॉसिबल नहीं है

32:32

विदाउट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यह पॉसिबल नहीं है। फिर आप जो एक लॉन्ग टर्म

32:37

गोल सेट करते हो अगर उसको छोटी-छोटी स्प्रिंट्स में डिवाइड करके जो हर एक वीक में या हर एक मंथ में उसको अचीव करते हो।

32:44

आई थिंक उसे विदाउट पर्टिकुलर एसओपी ये इंपॉसिबल है। आप जब स्केल कर रहे थे 2018

32:51

में आपने स्टार्ट किया और ईयर ऑन ईयर आप स्केल कर रहे थे तो उस टाइम पे एसओपीस और

32:59

ये जो प्रोसेससेस थी वो आपने कैसे हैंडल करी और क्या-क्या प्रॉब्लम्स आए उस टाइम?

33:05

सो बेसिकली अगर ये आदिनाथ की टू स्टार की जर्नी में मैं बोलने जाऊंगा। उससे पहले एक

33:10

थोड़ा एक चीज बोलना चाहता हूं कि वो ये सब मेरे अकेले से पॉसिबल नहीं हुआ है। मिस्टर

33:15

हार्दिक एंड मिस्टर चंद्रकांत के लॉन्ग विजन एंड हमारा मिस्टर जलपेश एंड मेरा

33:23

वर्क एफिशिएंसी एंड पोटेंशियल्स हमारा रहा है इसमें और उनका मिस्टर हार्दिक एंड

33:29

चंद्रकांत जी का ट्रस्ट हमारे पे उतना था और उनका जो ऑलवेज बोलते हैं कि भाई करो

33:36

कुछ भी होगा देख लेंगे और आप कोशिश करो ये करो एंड सबसे ज्यादा मैं क्रेडिट अगर टू

33:44

स्टार पहुंचना है मैं देना चाहता हूं तो हमारे टीम मेंबर्स का क्योंकि उन्होंने नहीं रात देखा है नहीं दिन देखा है कुछ भी

33:50

अगर प्रॉब्लम आ रहा है कुछ भी हो रहा है तो लाइक रात के 1:00 बजे हो या सुबह के 4:00 बजे हो प्रॉब्लम रिॉल्व हो जाता है

33:58

और कभी कबभार तो ऐसा भी हुआ है प्रॉब्लम आया है सॉल्व हो गया है और मेरे को एकद

34:04

दिन बाद मालूम पड़ रहा है कि हां यह बंदे ने यहां पे एक ग्लिच क्रिएट हुआ था उसको

34:10

सॉर्ट कर दिया था और कंप्लीट हो गया था यही एक हमारे टीम का एक स्ट्रेंथ पॉइंट है

34:17

कि सब मिलजुल के एक लाइक एक शेल्टर में ही हम काम कर रहे हैं। और आपने बात की एसओपीस

34:23

और वगैरह की एसओपी एंड स्ट्रेटजी डेफिनेटली वर्क करती है। अगर आप उसको मैं

34:30

सिंपली अगर बोलने जाता हूं तो अगर आपके पास विज़न नहीं है तो आप कुछ नहीं कर

34:36

पाओगे। और विज़न के साथ आपके पास कोई स्टैंडर्ड जो फॉलो क्या करना है, कैसे

34:42

करना है, कैसे इफेक्टिवनेस आएगा? तो अगर वही आप नॉलेज और वही फाइनल नहीं कर रहे हो

34:48

तो आपका वर्क डिस्टर्ब हो जाएगा के जैसे आपने अर्ली एक एग्जांपल दिया कि x कंपनी

34:55

टू व कंपनी वाला कैसे वो डिफरेंशिएट करता है वही डिफरेंशिएट

35:02

व कंपनी अगर आपको अच्छे से फॉलो अप्स वगैरह बयरर्स को देने हैं या किसी से भी

35:07

अगर लेने भी है तो वो आपको लाना है तो यू हैव टू स्टिक टू एसओपीस एंड स्ट्रेटजीस

35:15

और आपने जैसे बताया कि मैंने अकेले ने नहीं किया जो मेरा एक्सपीरियंस है सब लोग यही बोलते हैं कि हमने सबने साथ में किया


Adinath’s Teamwork Culture: Working Together

32:25

है आई थिंक 8 साल में टू स्टार कंपनी बनाना और विदाउट टेक ये पॉसिबल नहीं है

32:32

विदाउट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यह पॉसिबल नहीं है। फिर आप जो एक लॉन्ग टर्म

32:37

गोल सेट करते हो अगर उसको छोटी-छोटी स्प्रिंट्स में डिवाइड करके जो हर एक वीक में या हर एक मंथ में उसको अचीव करते हो।

32:44

आई थिंक उसे विदाउट पर्टिकुलर एसओपी ये इंपॉसिबल है। आप जब स्केल कर रहे थे 2018

32:51

में आपने स्टार्ट किया और ईयर ऑन ईयर आप स्केल कर रहे थे तो उस टाइम पे एसओपीस और

32:59

ये जो प्रोसेससेस थी वो आपने कैसे हैंडल करी और क्या-क्या प्रॉब्लम्स आए उस टाइम?

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सो बेसिकली अगर ये आदिनाथ की टू स्टार की जर्नी में मैं बोलने जाऊंगा। उससे पहले एक

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थोड़ा एक चीज बोलना चाहता हूं कि वो ये सब मेरे अकेले से पॉसिबल नहीं हुआ है। मिस्टर

33:15

हार्दिक एंड मिस्टर चंद्रकांत के लॉन्ग विजन एंड हमारा मिस्टर जलपेश एंड मेरा

33:23

वर्क एफिशिएंसी एंड पोटेंशियल्स हमारा रहा है इसमें और उनका मिस्टर हार्दिक एंड

33:29

चंद्रकांत जी का ट्रस्ट हमारे पे उतना था और उनका जो ऑलवेज बोलते हैं कि भाई करो

33:36

कुछ भी होगा देख लेंगे और आप कोशिश करो ये करो एंड सबसे ज्यादा मैं क्रेडिट अगर टू

33:44

स्टार पहुंचना है मैं देना चाहता हूं तो हमारे टीम मेंबर्स का क्योंकि उन्होंने नहीं रात देखा है नहीं दिन देखा है कुछ भी

33:50

अगर प्रॉब्लम आ रहा है कुछ भी हो रहा है तो लाइक रात के 1:00 बजे हो या सुबह के 4:00 बजे हो प्रॉब्लम रिॉल्व हो जाता है

33:58

और कभी कबभार तो ऐसा भी हुआ है प्रॉब्लम आया है सॉल्व हो गया है और मेरे को एकद

34:04

दिन बाद मालूम पड़ रहा है कि हां यह बंदे ने यहां पे एक ग्लिच क्रिएट हुआ था उसको

34:10

सॉर्ट कर दिया था और कंप्लीट हो गया था यही एक हमारे टीम का एक स्ट्रेंथ पॉइंट है

34:17

कि सब मिलजुल के एक लाइक एक शेल्टर में ही हम काम कर रहे हैं। और आपने बात की एसओपीस

34:23

और वगैरह की एसओपी एंड स्ट्रेटजी डेफिनेटली वर्क करती है। अगर आप उसको मैं

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सिंपली अगर बोलने जाता हूं तो अगर आपके पास विज़न नहीं है तो आप कुछ नहीं कर

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पाओगे। और विज़न के साथ आपके पास कोई स्टैंडर्ड जो फॉलो क्या करना है, कैसे

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करना है, कैसे इफेक्टिवनेस आएगा? तो अगर वही आप नॉलेज और वही फाइनल नहीं कर रहे हो

34:48

तो आपका वर्क डिस्टर्ब हो जाएगा के जैसे आपने अर्ली एक एग्जांपल दिया कि x कंपनी

34:55

टू व कंपनी वाला कैसे वो डिफरेंशिएट करता है वही डिफरेंशिएट

35:02

व कंपनी अगर आपको अच्छे से फॉलो अप्स वगैरह बयरर्स को देने हैं या किसी से भी

35:07

अगर लेने भी है तो वो आपको लाना है तो यू हैव टू स्टिक टू एसओपीस एंड स्ट्रेटजीस

35:15

और आपने जैसे बताया कि मैंने अकेले ने नहीं किया जो मेरा एक्सपीरियंस है सब लोग यही बोलते हैं कि हमने सबने साथ में किया

35:22

है तो ये थिंकिंग कहां से आती है क्योंकि ये एक डीएनए होता है जो कॉर्पोरेट लेके

35:28

मुझे बोलते हैं एक कंपनी का डीएनए है कि सब लोग बोलेंगे कि हमने सबने किया है जैसे

35:33

मैंने आपसे पूछा था आपने बोला मैंने अकेले ने नहीं किया मैं अगर डीप भाई से पूछता हूं या हार्दिक भाई से पूछता हूं तो बोलते

35:38

हैं कि मैंने भी अकेले ने नहीं किया हमने सबने किया है तो ये डीएनए कहां से आता

35:44

जो अपने लाइक ग्रैंडपा वगैरह बोलते थे कि आप क्या फल खाना चाहते हो उसका ही आपको

35:51

बीज लगाना पड़ेगा। सो हमने फ्रॉम द फर्स्ट डे तो हमने यही कोशिश की कि फ्रेंडली

35:59

एनवायरमेंट बनाए। मैं अगर फ्रेंडली तो नहीं बोलूंगा होमली एनवायरमेंट अगर बोलना चाहूंगा तो देयर इज अ परफेक्ट वर्ड फॉर

36:06

आवर कंपनी। और हमारे जब भी डेली टू डेली कम्युनिकेशन होता है कंपनी में मी वाला आई

36:12

मी माय वाला वर्ड नहीं होता है। वी कि हमने किया है हम कर रहे हैं। सो वही एक

36:20

हमने एक पहले से हैबिट्स रखी है। मैं हार्दिक सर, जलपेश भाई सब डेली वही करते

36:26

हैं और अपार्ट फ्रॉम दिस ग्रुप मीटिंग्स जो बिजनेस की बात है वो तो होती रहती है।

36:32

उसके बाद पर्सनल डेवलपमेंट में भी हम उतना ही करते हैं। अगर कोई बंदा अगर नया

36:38

रिक्रूट हुआ है जस्ट फॉर एग्जांपल लग रहा है कि हां उसका थोड़ा एटीट्यूड ये है तो मैं पर्सनली हम मैं हूं हार्दिक सर है

36:45

जलपेश पर्सनली उसको मेंटोर कर दे अपना कंपनी का विज़न ऐसा है। कंपनी का थॉट

36:51

प्रोसेस हमारा ऐसा है। तो आप उस हिसाब से सोचो तो यह अगर आप हमारे साथ जुड़े हो तो

36:59

आज हमारे साथ जुड़े हो उस वजह से नहीं बट अगर आप रियल लाइफ में भी आगे जाओगे कोई और

37:05

कंपनी में ग्रो करके जाओगे तो आपको दूसरे जो पर्सन काम कर रहे हैं उससे एक अलग

37:12

डिफरशिएट करने में भी आपको इजी रहेगा कि हां भाई यह बंदे में कुछ अलग हो रहा है

37:19

अलग उसका काम करने की सिस्टम्स है उसके एथिक्स अलग वो एक आपको अलग करेंगे तो उस

37:25

वजह से हम एज अ पर्सनल ट्रेनिंग भी अच्छी कंपनी में देते हैं।

37:30

आई थिंक ये जो ग्रेट लीडर्स है उनका यही क्वालिटी होती है कि वो अपनी टीम को मेंटर

37:35

करते हैं। ये नहीं देखते कि अगर उसने कंपनी स्विच की तो क्या होगा? उनका एक बेसिक होता है माइंडसेट कि मुझे मेरी टीम

37:42

को ट्रेन करना है और वेल ट्रेन करना है। अगर 10 में से आठ रहते हैं या फिर स्विच

37:48

करते हैं तो भी मेरा नेट पॉजिटिव ही रहेगा क्योंकि मेरा ट्रेंड बनता है तो मेरी कंपनी की एक इमेज बनेगी। तो बात हो गई टीम


Major Challenges Faced by Adinath Corporation

37:55

की। बात करते हैं चैलेंजेस की क्योंकि एक्सपोर्ट बिनेस है। ऑब्वियसली पैसा ही पैसा है। सब लोग बोलते हैं। लेकिन हम बात

38:01

करेंगे चैलेंजेस की। ये तो सपोर्ट जर्नी में कभी कोई टफ टाइम आया या फिर कोई ऐसी सिचुएशन आई जब आपको लगा कि यार ये ये तो

38:08

बहुत ही टफ है। ये कभी सोचा नहीं था। यस डेफिनेटली आज जो पहले एक्सपोर्ट्स जो होते

38:15

थे तो वहां पे और आज के एक्सपोर्ट्स में लॉट्स ऑफ कस्टम रूल्स एंड रेगुलेशंस है

38:21

गवर्नमेंट के कंप्लायंसेस है उतने चेंज हो रहे हैं डे बाय डे। उसके साथ पोस्टिसाइड्स

38:28

के भी अभी इश्यूज मार्केट में बहुत चल रहे हैं। जो कस्टमर्स है उनको जो पहले

38:34

क्वालिटीज और वगैरह उतना नॉलेज नहीं था। तो एंड बायर्स की अगर बात करने जाए तो वो एक वेल नॉलेज हो गए। तो उस वजह से ये

38:43

मार्केट में चैलेंजेस तो है और चैलेंजेस के साथ ये डॉक्यूमेंटेशंस एंड

38:51

रूल्स एंड रेगुलेशंस में भी अपग्रेड आ रहा है। तो हां कभी-कभी लगता है जब सर्टेन

38:57

लेवल से एक चेंज हो जाता है तो भाई लगता है कि अरे यार कैसे करेंगे कैसे सस्टेनेबिलिटी लाएंगे

39:03

उस टाइम पे एक थोड़ा टफ रहता है कि भाई हां करना पड़ेगा बाद में काम के लिए एक मोटिव अंदर से लाके

39:13

भाई हां कर लेंगे चलो ठीक है करके करना पड़ता है थोड़ा बहुत जैसे हम सॉफ्टवेयर में बोलते हैं कि कोड


Buyer-Supplier Issues

39:32

यस लाइफ है तो अप्स एंड डाउन हर एक की लाइफ में आता हूं।

39:38

कभी-कभी ऐसा भी हुआ है कि चलो भाई मार्केट आज अच्छा है। सडनली कोई क्राइसिस आ गया।

39:46

लाइक कोविड पेंडेमिक की अगर एक मैं बात करता हूं तो उस टाइम आपको भी सबको ऑल ओवर

39:51

द वर्ल्ड मालूम है कि ये पूरा प्रॉब्लमेटिक क्रिएट हो गया था। ट्रांसपोर्टेशन स्टॉप्स हो गए थे और ये सब

39:59

सिनेरियोस आर व तो उस ड्यूरेशन में सम ऑफ़

40:04

बार्स आर नॉट एग्रीड टू एक्सेप्ट द कारगो बिकॉज़ उनके वहां भी उतना सिचुएशन व थी और

40:11

हमने यहां से शिफ्ट्स लगा दिए थे। ओवर द नाइट यही सडनली लॉकडाउन वगैरह आए थे तो

40:17

यहां से कोई कारगो रास्ते में था तो इट्स अ टफ मोमेंट फॉर अस बट माताजी का बहुत

40:25

सपोर्ट अपने रहा है ये जर्नी में भी ओवर द पीरियड्स बाहर के साथ कम्युनिकेशन हुआ

40:31

उसको थोड़ा डेक टाइम हुआ देन आफ्टर ये सब सिचुएशन स्टार्ट अप हो गई थी


How Adinath Corporation Managed Cumin Price Fluctuations

40:36

आई थिंक दो साल पहले क्यूमिन कुछ रेट्स में बहुत चेंज हुआ था तो उस टाइम कोई ऐसा

40:43

सिचुएशन था जब आपको टफ लगा या फिर कैसे मैनेज किया आपने? एग्रो प्रोडक्ट्स है तो बट ऑब्वियस है

40:48

मार्केट अप्स एंड डाउन सो आएगी। बट वो एक टाइम था कि हां क्यू मीन

40:55

टॉप ऑफ द बुलिश प्राइस पे टच हो गया था। अ लॉट्स ऑफ पीपल्स हैव हर्ट इन मनी बिकॉज़ ऑफ़

41:03

क्राइसिस अभी आया था। उसके बाद बट हमारे साथ पर्सनली ऐसा नहीं हुआ था। क्योंकि

41:10

हमारे जो बयरर्स का लिस्ट है जो बायरर्स हमारे साथ जुड़े हैं तो वो अगर मार्केट

41:17

डाउन में भी अगर उनके साथ ट्रेड हुआ है तो हमने अपर साइड में भी उनको डिलीवरी दी है।

41:22

टाइमली शिपमेंट्स उनके गए हैं। तो वो हमारे एक आई थिंक वहां पे काम आ गए थे कि

41:31

मार्केट जब बढ़ा था तब भी उनको डिलीवरी मिली थी। कम है और इंक्रीस हुआ है तब भी

41:36

उनको डिलीवरी मिली थी। तो बिकॉज़ ऑफ़ आवर न्यूट्रल माइंडसेट। हमारे साथ पर्सनली यह

41:43

प्रॉब्लम फेस नहीं किया था हमने। यह एग्रीकल्चर नहीं राइट बोला आपने कि अप्स एंड डाउन्स रहते हैं। मेरा एक पर्सनल


How to Judge Agricultural Quality Without Experience

41:49

क्वेश्चन है। जैसे मैकेनिकल इंजीनियरिंग किया और फिर मेरा दो साल का मैन्युफैक्चरिंग का एक्सपीरियंस रहा। उसके

41:56

बाद आठ साल से मैं सॉफ्टवेयर में काम कर रहा हूं आईटी में। मेरा एक बेसिक क्वेश्चन होता है एग्रीकल्चर को लेके कि जब कोई

42:03

मैकेनिकल या आउटसाइडर जिनको कोई एग्रीकल्चर का एक्सपीरियंस नहीं है वो अगर आज क्यूमिन या कोरिएंडर या कोई और

42:11

प्रोडक्ट में आता है क्वालिटी कैसे समझ में आती है क्योंकि अगर मेरे को आप पूछो क्यूमिन और कोरिएंडर का डिफरेंस तो बेसिक

42:18

डिफरेंस ही मेरे को पता है कोई नेक्स्ट क्वालिटी लेवल में जाओ आप या फिर आप अगर

42:24

प्रोडक्शन ईयर मेरे को पूछो दो प्रोडक्ट साइड साइड में रख के तो मुझे बेसिकली समझ में नहीं आता। चाहते तो ये कैसे चैलेंज आप

42:32

सॉर्ट आउट करते? देखो ये फील्ड पे ऐसा है कि हां कमोडिटी

42:37

एक फिक्स है। मगर उसके लॉट्स ऑफ क्वालिटीज है। तो आपने पहली बात हुई ऐसे यू हैव टू

42:44

डू रिसर्च नहीं किया है प्रोडक्ट पे आपने तो आपको वो नॉलेज लेक ऑफ नॉलेज रहेगा ही।

42:49

अगर लेक ऑफ नॉलेज रहा तो आप जब कोई बायर से अगर आप बात कर रहे हो इफ जेनुइनली अगर

42:56

कोई बायर है तो पर्सनली वो आपको लाइक वही समझेगा कि आपको क्वालिटी का नॉलेज नहीं है

43:03

या फिर आप मार्केट में नए हो तो नए एक्सपोर्टर से मेरे वही एक गुजारिश रहेगी

43:10

कि आप पहले प्रोडक्ट को पूरे अच्छे से समझो। हां प्रोडक्ट को समझने के लिए

43:16

लेबोरेटरीज वगैरह है तो आप लेबोरेटरी से कांटेक्ट कर सकते हो या आप सिर्फ प्रिक्योरमेंट कर अगर आप ट्रेडिंग फॉर्म

43:23

बना रहे हो या परसेंटाइल एक्सपोर्ट बन रहे हो तो आप मैन्युफैक्चर से बात करो वो आपको

43:28

समझाएगा हमारे साथ भी ऐसा हो रहा है ऐसा नहीं है कि कोई समझाएगा नहीं हां तो अगर

43:35

आप कोई भी मैन्युफैक्चर के पास जाओगे जो मैन्युफैक्चर है वो बेसिकली मटेरियल सेल

43:40

करने कोई बैठा है तो वो आपको समझाएगा कि भाई ये प्रोडक्ट में ऐसे ऐसे ऐसे कैटेगरीज

43:46

आती है। इसमें ये पैराटर्स आते हैं। बेसिकली स्पेसिफिकेशन अपने बोलते हैं। तो उस हिसाब से आपको लर्निंग आपकी मिलेगी। आप

43:54

उसको यूज करो देन आपकी जर्नी को आगे बढ़ क्योंकि ये एक्सपोर्ट है तो काफी सारा


Did Nilbhai Buy a Villa in Dubai?

44:00

इंटरनेशनल ट्रेवलिंग रहता है। आपका एक फेवरेट डेस्टिनेशन क्या है और क्या लर्निंग्स मिलते हैं आपको और कितने घूमे

44:07

हो आप? एक्सपोर्टर्स की लाइफ ट्रेवलर की जैसे भी है। एंड वहां ट्रेवलिंग के साथ एक

44:13

रिस्पांसिबिलिटी भी आती है। बिकॉज़ आप इतना खर्चा करके नई कंट्रीज में जा रहे हो या आप नए बायर से मिल रहे हो। सो जॉब्स

44:20

रहेंगे ही। अरे यार कैसे होगा? क्या क्या करेंगे? कैसे बात करेंगे? क्योंकि आप फेस टू फेस तो कभी नहीं हुए। लैंग्वेज बैरियर

44:28

लॉट्स ऑफ ट्रेवलिंग के भी इश्यूज वगैरह रहते हैं। मैं मेरी लाइफ जर्नी में सात से आठ कंट्री घुमा हुआ हूं। बट

44:36

अमोंग देम दुबई इज वन ऑफ माय फेवरेट। देखो मेरे को पर्सनली दुबई में वही लगता है।

44:42

दुबई में जब अपने लैंड होते हैं या दुबई में आते हैं तो एक अलग एक वाइब अपने को

44:48

मिलती है कि हां दुबई में है भाई। अपना विज़ है जो कर रहे हैं। उसमें टॉप ऑफ द

44:55

बेस्ट कर सकेंगे। बिकॉज़ आज दुबई एक ग्लोबल पोजीशन पर है। लॉट्स ऑफ कंट्री के

45:00

माइग्रेट हो रहे हैं। ऐसे भी प्लेयर्स है जो ऐसे भी कंपनी है जो यूएस में होके भी

45:07

दुबई में उनके ऑफिससेस एस्टैब्लिश कर रही है। चाइना से भी एस्टैब्लिश होके कंपनीज

45:12

है वो दुबई में उनके लाइक ऑफिससेस और वगैरह कर रहे हैं। तो ग्लोबल हब तो आपको

45:19

आपका विज़ है या आपके जो जो कमोडिटीज वगैरह ले निकल रहे हो तो उसको सेल करने में

45:27

कम्युनिकेशन में भी दुबई इज वेरी इजी बिकॉज़ वहां पे हिंदी में आप कम्युनिकेट कर

45:32

सकते हो। उस वजह से और ये सब ग्लोबली कनेक्टिविटी आ रही है वहां पे। उस वजह से

45:38

मेरे को पर्सनली मेरे ग्रो के लिए दुबई। सर अभी भी वेलकम टू दुबई।


Did Nilbhai Buy a Villa in Dubai?

45:44

तो नील भाई कोई प्लान है दुबई में विला लेने का 2030 में राइट नाउ सुनील भाई स्पाइस एक्सपोर्ट में लॉन्ग


The Golden Rule for Success in Spice Export

45:51

टर्म सक्सेस के लिए द गोल्डन रूल क्या है नॉट ओनली फॉर स्पाइस कोई भी अगर बिजनेस आप

45:58

कर रहे हो तो लॉन्ग टर्म सक्सेस पाने के लिए आपको एक आपकी क्वालिटी में

46:04

कंसिस्टेंसी रखनी पड़ेगी एंड सेकंड थिंग जो है वो

46:12

ऑलवेज जो ग्लोबल कॉम्पिटिटिव मार्केट है आज के उसको भी कमपीट करना पड़ेगा। सो दोज़

46:20

टू आर माय की वर्ड्स कि लॉन्ग टर्म विज़

46:26

अगर है आपके पास तो क्वालिटी एंड कंपिटिटिव रेट पे मोस्ट फोकस रखना पड़ेगा।


Mistakes New Exporters Should Avoid

46:34

एस पर योर एक्सपीरियंस। ये जो नए एक्सपोर्टर है उनके लिए आप बता सकते हो कि

46:39

क्या उनको अवॉइड करना चाहिए इनिशियली। तो अगर आप नया एक्सपोर्ट फॉर्म या या

46:45

मैन्युफैक्चरिंग आप स्टार्ट कर रहे हो कोई भी प्रोडक्ट हो प्रोडक्ट डजंट मैटर अगर आप

46:51

आ रहे हो मार्केट पे तो जो आपका प्रोडक्ट का देखने का तरीका है आप प्रोडक्ट को

46:59

अच्छे से समझो पहले कि उसके प्रो्स एंड कॉज क्या है को आप एबेट करो देन आफ्टर

47:08

कौन से कंट्री में आपके प्रोडक्ट्स की डिमांड है उसको आप अच्छे से थोड़ा फाइंड आउट करो। उस पर थोड़ा रिसर्च करो। देन

47:16

आफ्टर एक्सपोर्ट की बात कर रहे हो तो एक्सपोर्ट में आप कौन से डॉक्यूमेंटेशंस

47:21

वगैरह आपको नीड है। तो वो सब आपको थोड़ा देखना पड़ेगा। देन आफ्टर ये सब आप वर्कआउट

47:28

करोगे तो ही आपको एक सक्सेस मिल पाएगी। अदरवाइज लॉट्स ऑफ जो अगर एक एग्जांपल अगर

47:35

देना चाहूंगा तो कोई अगर नया बंदा आ रहा है एक्सपोर्ट में नया स्टार्ट कर रहा है देन उसको प्रॉब्लम ये आता है कि उसने

47:42

ऑर्डर्स तो ला दिया मगर उसको डॉक्यूमेंटेशन की मालूम नहीं कहां से उसको

47:47

अगर चीपेस्ट रेट में आज के दिन में शिपिंग इंडस्ट्रीज में लॉट्स ऑफ़ ब्लंडर्स हो रहे हैं कि चीपेस्ट में आपको ट्रेड्स वगैरह दे

47:55

देंगे उसके बाद आपके पास क्लेम करेंगे कि आपका यह हो गया वह हो गया देन आफ्टर वही

48:01

एक आपसे कवर अप करेंगे। तो आप जो भी काम करो स्टैंडर्डाइज काम करो और जो ऑथेंटिक

48:09

प्लेयर्स है मार्केट के अगर आप एज अ ट्रेडिंग कर रहे हो तो ट्रेडिंग में आप ऑथेंटिक मैन्युफैक्चर से आप प्रक्यूमेंट

48:16

करो। अगर शिपिंग की बात करें तो जो लॉन्ग टर्म बैठे हैं जो मार्केट में लीडिंग

48:22

प्लेयर्स है उनसे आप क्लियरिंग वगैरह का और डॉक्यूमेंटेशन का आप उनसे प्रोसीजर

48:27

करो। देन आफ्टर दूसरी एक नए एक्सपोर्टर्स को मेरा वह भी एक गुजारिश रहेगी कि आप अगर

48:35

मेन लाइंस है उनसे ही काम करो क्योंकि दोज़ आर द लीडिंग प्लेयर्स एंड दे हैव द

48:41

नेटवर्क कि वो आपके साथ अगर कुछ गलत हो रहा है या कुछ गलत होने वाला है। सो दे

48:49

हैव द मार्केट एक्सपीरियंस। सो आपको वहां पे उनका भी एक जो एक्सपीरियंस है वो आपको

48:54

हेल्प आउट करेगा। करेक्ट। अह आई थिंक इनिशियली मार्जिन अगर ना भी मिले लेकिन अगर प्रोसेस उनकी सेट हो

49:01

जाए हम् तो जो नए एक्सपोर्टर उनको हेल्प हो सकता है। तो विदाउट लुक मार्जिन लाइक मेरे को

49:08

पहले शिपमेंट में इतना कमाना है इतना। आई थिंक आपने जो बताया वो सही है कि जो

49:13

प्रॉपर प्रोसेस से जाए जो पुराने प्लेयर्स हैं जिनका मे बी रेट हाई हो सकता है लेकिन

49:19

अगर वो फर्स्ट स्टेप सेट हो गया या फिर जो स्टेपिंग स्टोन बोलते हैं वो सेट हो गया तो फिर इजी हो सकता है। राइट?


Is Nilbhai Planning to Enter Politics?

49:26

हैं फैमिली की। आप एक फैमिली प्लेयर भी हो और आप एक बिजनेस लीडर भी हो। तो फैमिली की

49:32

बात करते हैं। उससे पहले एक पर्सनल क्वेश्चन कि क्या अनिल भाई पॉलिटिक्स में जाएंगे?

49:37

नहीं सॉरी सर। नहीं मेरे को लाइक टीम बिल्डिंग एंड

49:43

बिजनेस में बहुत लाइक अगर बोलने जाऊंगा कि हां मेरे को लाइफ में एक पहले से एक विज़

49:50

था फ्रॉम द चाइल्डहुड कि हां मैं टीम बिल्डिंग करूंगा एंड एक अच्छा बिजनेस रन

49:56

करूंगा या क्रिएट करूंगा। मैंने कभी ये फ्यूचर पॉलिटिक्स के बारे में सोचा नहीं

50:02

है। किसी ने कोई फ्यूचर देखा नहीं है। तो होप नहीं तो जाने वाला हूं मगर ऐसा कोई

50:09

सिनेरियो क्रिएट हो जाएगा तो मे बी हो भी जाए। करेक्ट यू नेवर नो व्हाट हैपन। सो


What Comes First: Family, Health, or Business?

50:15

एंड फैमिली हेल्थ एंड बिनेस इन तीन चीजों में आप कैसे मेंटेन करते हो? मतलब फैमिली

50:21

आपके लिए फर्स्ट है, हेल्थ है, बिनेस या आप कैसे जगह लेन करते हो? डिपेंड्स करता है क्योंकि अपने में कहावत रही है कि एक

50:28

सक्सेस पर्सन के पीछे एक वूमन का हाथ होता है और मेरी जर्नी में भी वही है। मेरी

50:33

वाइफ का बहुत सपोर्ट रहा है मेरी लाइफ के ग्रोथ में। बिकॉज़ उसके वजह से क्या है कि

50:39

मेरा फैमिली एंड जो मेरा हेल्थ है उसका

50:45

टेक केयर वो कर लेती है। उस वजह से मैं मैक्सिमम जो टाइम है मेरा बिजनेस ग्रोथ

50:50

करने में ये सब में मैं निकाल पाता हूं। सो शी इज माय बैकबोन फैमिली एंड हेल्थ है

50:56

उसको सेकेंडरी करके बिजनेस को फर्स्ट प्रायोरिटी पे रखा हूं। आई थिंक मैं भी आपकी वाइफ को थैंक यू

51:02

बोलना चाहूंगा क्योंकि जब भी आप मिलते हो आपका फेस हैप्पी रहता है। आई थिंक वो बैकबोन है जो हैप्पी फेस रखती है।


Daily Habits and Rituals of Nilbhai

51:09

एक और क्वेश्चन है कि आपके एक्सपोर्टर बहुत ही बिजी होते हैं और उनका जो टाइम

51:14

जोन डिफरेंट होता है। कस्टमर्स के टाइम जोन अलग रहता है। सबका डेली रिचुअल क्या रहता है? क्या प्रोसेस रहता सो डेली

51:20

रिचुअल की अगर मैं बात करने जाऊं तो लाइक मॉर्निंग वेकअप से लेके ऑफिस पहुंचने तक

51:25

जो बेसिक अगर कुछ वर्क है तो मैं घर से ही निपटा लेता हूं। देन आफ्टर मेरा डेली

51:31

शेड्यूल्स की जो रूटीन है तो मेरा ब्रेकफास्ट मोस्टली मेरे मदर एंड माय वाइफ

51:38

के साथ होता है। बिकॉज़ फादर हैव डिफरेंट बिज़नेस। सो वो अर्ली थोड़ा निकल जाते हैं।

51:45

तो मैं ब्रेकफास्ट और वगैरह करके थोड़ी प्रेयर और वगैरह करके ऑफिस पहुंचता हूं। बगैर ऑफिस से भी मेरा प्रेयर करते ही मेरा

51:52

जो वर्क डश पे स्टार्ट होता है। तो इन बिटवीन मेरा थोड़ा प्रेयर का उधर मैं टाइम

51:58

निकाल लेता हूं। देन आफ्टर अगेन एक्सपोर्टर्स लाइफ इज नॉट इजी क्योंकि जो

52:05

आज आपने सोचा है कि हां मैं पूरे दिन में यह करूंगा। बट कभी-कभी हो भी जाता है।

52:10

कभी-कभी कोई सर्टेनिटी आ जाती है या कौन से बायर ने क्या कौन सी डिमांड कर ली। एक

52:17

टाइम फिक्स नहीं होता है। हां बट वी हैव टू मैनेज दैट दोज़ थिंग्स। सो एक मोस्ट

52:22

चैलेंजिंग रहता है फॉर एक्सपोर्टर्स लाइफ। ओके। और अगर आपको चांस मिले या फिर आप


How Nilbhai Spends Time Without Internet or Mobile

52:28

अस्यूम करें कि आपको एक दिन कुछ नहीं करना है। नो मोबाइल, नो इंटरनेट, नथिंग, नो वर्क। तो आप क्या करें?

52:34

हम जुड़े हैं आज Spice इंडस्ट्रीज से। तो Spice Industries में फरवरी से लेके जून

52:40

तक। हमारा मोस्ट सीज़नेबल टाइम्स रहता है कि जो ऑलमोस्ट वर्क्स है और या उस

52:46

ड्यूरेशन में लॉट्स ऑफ वर्क लोड रहता है। वो टाइम में हम अवॉइड करते हैं कि भ कोई

52:53

ब्रेक ना आए बट मेडिकल इमरजेंसीज और वगैरह में तो कोई भी स्टॉप करना पड़ता है। तो

53:01

देन आफ्टर जो हमारा बाकी का टाइम रहता है वह हमारे आदिनाथ टीम में वो एक सिस्टम है ही कि एव्री संडे इज हॉलिडे। कोई बंदा कोई

53:11

फॉलो अप या वह कुछ करता भी नहीं है। पूरे टीम में पूरा उस दिन में फैमिली टाइम

53:17

स्पेंड करने का हमने एक सिस्टम बनाया है। बिकॉज़ कोई भी बंदा है पूरे छ दिन हेक्टिक

53:24

पीरियड से पास ऑन हो रहा है। तो उसको मेंटली हीलिंग करने के लिए फैमिली टाइम

53:30

स्पेंड करना वो एक नेसेसरी है। यस फैमिली टाइम्स उसमें साथ फ्रेंड्स भी आ गए। अपने

53:37

घर के भी मेंबर्स आ गए। तो वही एक हमारा सिस्टम है ही ऑलरेडी तो

53:42

एव्री संडे इस ब्रेक रहते हैं। तो गाइस अगर आप उजा से हो और आप फूड इंडस्ट्री में और आपके जो ओनर या फाउंडर

53:48

है वो संडे को भी कॉल करते हैं। प्लीज कांटेक्ट मिस्टर नील भाई उनका मार्केट यार के पास में ऑफिस है तो आप स्विच कर लीजिए

53:56

क्योंकि संडे को परेशान होना मना है। सुनील भाई क्या बता सकते हैं कि ऊजा


How the Unjha Market Works

54:01

मार्केट ओवरऑल कैसे चलता है? क्योंकि क्यूमिन और ऊंजा के बारे में बहुत सुना है हमने। मतलब क्यूमिन इक्वल टू ऊजा हो गया

54:08

यार। ऊजा इक्वल टू क्यूमिन हो गया और अगर हम अहमदाबाद से बालमपुर हाईवे चलते हैं तो स्मेल आती है फ्रेगरेंस आती है कि ये ऊंजा

54:14

आ गया नाइट को भी तो उजा का पूरा मार्केट कैसे चलता है उजा के मार्केट के बारे में बोले तो एशिया

54:21

का बिगेस्ट एपीएमसी मार्केट है उजा इज नाउ नोन एज अ क्यूमिन

54:27

तो बेसिकली अगर मैं सिस्टम की बात करूं तो अगर उजा में के सराउंडिंग मोर देन 100

54:35

किमी कोई क्यूमिंग ग्रो नहीं नहीं हो रहा है। ओके बेसिकली ये जो लेगसी हमारे को जो

54:41

जनरेशनल मिली है उस बेसिस पे ही चल रहा है। राजस्थान एंड सौराष्ट्र गुजरात के

54:47

नॉर्थ गुजरात के जो सेंटर्स है वहां पे जीरा सौंफ वगैरह ग्रोन होता है और वो ऊंजा

54:54

में मंडी में एपीएमसी मार्केट में सेल आउट होने के आता है। तो वहां पे कच्चे के व्यापारी होता है और एपीएमसी ऊंजा की

55:01

निगरानी में उसका ऑक्शन मिलता है। बिकॉज़ वो ऑक्शन करने का एक सिस्टम है कि वहां पे एबीएमसी का एक न्यूट्रल पर्सन रहेगा। वो

55:08

ऑक्शन करवाएगा। उससे फार्मर्स को जो उसका

55:14

मार्केट प्राइस है उसकी प्रोडक्ट उसको करेक्ट प्राइस मिले। एंड दे ट्राई टू गिव

55:20

फार्मर्स मैक्स टू मैक्स प्राइसिंग। सो लाइक वही एक जो ट्रस्ट है टू फार्मर टू

55:29

एक्सपोर्टर कि हां ऊंचा जा रहे हैं तो अपने को अपने मटेरियल का बेस्ट प्राइस मिलेगा। सो दैट्स व्हाई एव्री फार्मर्स टच

55:38

टू हुजा। तो उसी वजह से हमारे हुजा में उतना राइवल्स और वगैरह होता है बिकॉज़ उसको अच्छा प्राइस मिलता है और उसको सेफ्टी भी

55:45

उतना प्रोवाइड होता है। बिकॉज़ कोई थीप और वगैरह के कोई इश्यूज नहीं है। एंड

55:52

इज लाइक नाउ बिकम द ग्लोबल नॉन मार्केट। उसको कोई भी अगर बायर आ रहा है तो उसको

55:58

बायर को भी मालूम है कि भाई हां से अगर मैंने प्रकड किया है सो वी डोंट हैव टू

56:04

वरी कि अपने टाइम से डिलीवरी हो जाएगी। कॉल आईडी में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगा। वो एक सिस्टम हमारा एक है उन का।


Beginner’s Strategy for Exporting Cumin from India

56:11

और क्यूमिन मतलब सिमिलर वार्ड्स हो गए। कोई नया प्लेयर है या फिर जो नया एक्सपोर्टर है यंग और उसको क्यूमिन

56:18

एक्सपोर्ट करना है और उनको लगता है कि ये ऊंजा और क्यूमिन को कैसे

56:24

क्रैक कर पाएंगे तो क्या स्ट्रेटजी मतलब अगर आप आउटसाइडर होते और आपको आज क्यूमिन

56:30

एक्सपोर्ट करना होता तो क्या करते आप फॉर मी देखो मैं भी पहले जैसे बोला कि मैं

56:36

मैकेनिकल फील्ड में था एंड आई डोंट हैव द एनी एक्सपीरियंस ऑफ़ द इंपोर्ट एक्सपोर्ट बिज़नेस और वगैरह की वजह से मैं भी कभी

56:43

लाइक ऊंजा मार्केट में जाते थे मगर अपने को भी जीने का कोई नॉलेज नहीं था। तो जैसे

56:50

मैं भी दो-तीन एक्सपोर्टर से मिला था और उसी दौरान जैसे हमारे जो डोमेस्टिक प्लेयर्स हैं उनसे भी मिला था। तो

56:57

वैसे-वैसे करके नॉलेज मिलता रहा। अगर कोई बंदा जैसे ये फील्ड में आना चाह रहा है

57:02

पाइस इंडस्ट्रीज में इफ वी टॉक अबाउट द क्यूमिंग तो वो अर्ली मैंने थोड़ा आपको

57:08

बताया कि वो जो मैन्युफैक्चरर्स है उनके पास जाए उनसे थोड़ा क्वालिटी का समझे

57:14

प्राइसिंग कैसे वो करते हैं वो समझे देन आफ्टर उसके कॉस्टिंग्स वगैरह आप समझो

57:20

जैसे-जैसे लर्निंग एंड रिसर्च से आपको नॉलेज आ जाएगा कि हां कि भ इंटरनेशनल

57:27

मार्केट में यह प्राइसें अभी कंप्लीट हो रहा है और अपना कॉस्टिंग यह आ रहा है। सो दे कैन एंटर इन दिस मार्केट।

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करेक्ट और ये काफी जो नए एक्सपोर्टर रहते हैं उनको कंफ्यूजन रहता है कि यार कैसे करें? तो एक ये चीज पूछनी थी कि


Is It Necessary to Attend Expos or Visit Buyers?

क्या बिना ट्रैवलिंग के भी एक्सपोर्ट संभव है?

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क्या बिना ट्रैवलिंग के भी एक्सपोर्ट हो सकता है या फिर मैंडेटरी है कि आपको कस्टमर को मिलना पड़ेगा फेस टू फेस या फिर

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एक्सपो में जाना पड़ेगा। यस एक सर्टेन लेवल पे ट्रैवलिंग भी जरूर रहते हैं। अगर

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आप इनिशियली स्टार्ट कर रहे हो अगर आपके पास लाइक लिमिटेड फंड से अगर कर रहे हो तो

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आप एग्ज़िबिशंस वगैरह में एज अ विजिटर्स जाओ आप पहले समझो मार्केट को कैसे डील हो

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रहा है क्या हो रहा है इसके अलावा अगर आपको नॉलेज अगर गेन करना है तो अभी

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गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने लॉट्स ऑफ गवर्नमेंट बॉडीज बना दी अगर चीरा और वगैरह

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की बात करें स्पाइसेस में तो स्पाइस बोर्ड ऑफ इंडिया है तो वह लोग भी आपको हेल्प आउट

58:23

करते कि अगर आप नए एक्सपोर्टर एज अ रजिस्टर हो रहे हो और एक्सपोर्ट में आप

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लीड करना चाह रहे हो तो आपको वो भी हेल्प आउट करेंगे। सो वहां पे ट्रैवलिंग नेसेसरी

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होता है एंड लॉट्स ऑफ मीटिंग भी अगर आपको करनी पड़ेगी। नए बायर से आप मिलते रहो। देन आफ्टर जैसे-जैसे आप मार्केट में ग्रो

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करोगे जैसे आपने डे टू डे शिपमेंट्स स्टार्ट कर लिए ओवर द इयर्स आपके पास लाइक

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आपने प्रॉफिट जनरेट किया। सो वैसे-वैसे स्टेप टू स्टेप करते जाओ। आपको सक्सेस मिलेगा ही। मैं तो सिंपली बोलता हूं

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एफर्ट्स लगाओगे तो सक्सेस आएगी। और एक न्यू एक्सपर्टर को कंफ्यूजन रहता है


Budget Planning Tips for New Exporters

एक्सपोर्ट शुरू करने के लिए कितना बजट होना चाहिए?

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कि यार नया स्टार्ट करते तो बजट क्या होना चाहिए? आइडियल तो क्या कोई नंबर रहता है या फिर

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डिपेंड्स करता है कि आप कौन सी प्रोडक्ट करना चाह रहे हो? कितने वॉल्यूम में करना चाह रहे हो? आप लाइक क्या विज़न है। बिकॉज़

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एव्री बिज़नेस नीड मनी। आपको कोई भी धंधा क्रिएट करना है, कोई भी बिजनेस आपको

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एस्टैब्लिश करना है, दिस मस्ट बी गे मनी। हां, आपको अपने पास सर्टेन कैपिटल होनी

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चाहिए। बट आप जैसा आपका क्वेश्चन है कि हां उसको कैसे वो कर पाएगा? तो वो आप कौन

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से वॉल्यूम पे आप करना चाह रहे हो? कौन सी प्रोडक्ट क्या करना चाह रहे हो? उसका बेसिक प्राइस क्या है? उस पे एक वैरी

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करेगा। डिपेंड और फिर उनकी बैकग्राउंड क्या है? सपोर्ट सिस्टम क्या है? वो काफी सारी चीज़ डिपेंड्स। आई थिंक काफी सारे लोगों को यह


Do Banks Support New Exporters in India?

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गलतफहमी रहती है कि अगर कम बजट है तो बैंक हेल्प करेंगी।

59:55

लेकिन जब तक मेरा एक्सपीरियंस है न्यू एक्सपोर्टर को बैंक भी हेल्प नहीं करता तो

1:00:00

आपका क्या कहना है उसमें? उसमें गवर्नमेंट की और एक्सपोर्ट

1:00:05

पोटेंशियल स्कीम्स भी अभी मार्केट में ल्च हुई है। यूएस में आजकल कांसेप्ट है कि चारप साल


Is Early Retirement Possible?

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काम करो और फिर एक मिनी वेकेशन हो जाए। एक मिनी रिटायरमेंट एक साल का होता है। तो 5

1:00:17

साल वर्क एक साल रिटायरमेंट क्योंकि उनको लगता है कि यार क्या पता मतलब 506 के बाद

1:00:23

रिटायरमेंट होने का चांस मिलेगा नहीं मिलेगा। एक और कोरोना आएगा या फिर हार्ट अटैक आएगा। सो आपका क्या मानना है? क्या

1:00:30

ऐसा होना चाहिए इंडिया में भी? यह पर्सनालिटी पर डिपेंड करता है कि बंदा कैसे उसकी लाइफ को जी रहा है। लाइक अगर

1:00:40

ऑफिस के टाइम पे अगर ऑफिस का सोचो और घर पे आके आप लाइक ऑफिस का ही अगर सोचोगे तो

1:00:46

आपकी मेंटल हेल्थ डिस्टर्ब होगी। वो ऑब्वियसली है और अगर घर की कोई अगर मैटर

1:00:53

क्रिएट हुई है चलो फैमिली इश्यूज है आप वहां पे वर्क पे जाके आप वो फैमिली इश्यूज

1:00:58

को हॉट करोगे तो उधर आपको वर्क एफिशिएंसी नहीं आएगी अगर आप सब ये सब चीजों को

1:01:04

बैलेंस करके जाओगे और हां अभी लाइक एज अ

1:01:11

ह्यूमन ये पांच सात सालों में हमने बहुत अप्स एंड डाउन्स देखे हैं रिसेंटली अपने

1:01:18

जो अहमदाबाद में एक इश्यूज क्रिएट हुआ लाइक लाइफ का कोई भरोसा नहीं बना है। तो

1:01:25

ये पॉइंट पे डिपेंड्स करता है कि आप कैसे माइंडसेट से आप लाइफ आपका स्पैन कर रहे हो। अगर मैं अगर पर्सनली मैं देखने जाता

1:01:32

हूं तो मैं हां ऑफिस का काम किया। ओके प्रॉब्लम है बट प्रॉब्लम नीड सॉल्यूशन।

1:01:38

उसको कैसा प्रॉब्लम है? तो अगर घर पे लेके जाने वाला प्रॉब्लम है तो आप थोड़ा वेट

1:01:46

करो। वो प्रॉब्लम अगर सॉल्व हो जाता है तो सॉल्व करके ही घर पे जाओ। सो दैट्स व्हाई आपको आपका फैमिली तो जो टाइम आप स्पेंड

1:01:53

करने वाले हो वो एक अच्छे से आप स्पेंड कर पाओगे। तो वो एक वैरे करता है। अगर आप अगर

1:01:59

कंसिस्टेंसली पांच छ साल काम करोगे और वन ईयर का मिनी वेकेशन अभी जो ब्रेक आ रहा है

1:02:04

कि नया एक ट्रेंड आया हुआ है यूएस मार्केट में वो करने जाओगे तो आपको आपके काम से भी

1:02:10

एक डिस्टेंस हो जाओगे। जो एक साल में नया अपग्रेड हुआ है मार्केट उससे भी आप टाइम

1:02:16

ब्रेक हो जाओगे तो वहां एक कनेक्टिविटी में थोड़ा इशू रिस्ट करने में आपको आएगा

1:02:22

अगर मेंटेन करके चलोगे तो लॉन्ग टर्म आप सस्टेन कर पाओगे मार्केट पे

1:02:28

एकदम आप आपका मानना है कि काम करते रहो बीच में वीकेंड पे या फिर कोई मंथ एंड पे

1:02:33

वेकेशन मिनी दो-ती दिन का लेते रहो काफी लोग बोलते हैं कि एक्सपोर्ट में बहुत पैसा है मतलब


Is Export Business Really That Easy?

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काम करो और फिर एक मिनी वेकेशन हो जाए। एक मिनी रिटायरमेंट एक साल का होता है। तो 5

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साल वर्क एक साल रिटायरमेंट क्योंकि उनको लगता है कि यार क्या पता मतलब 506 के बाद

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रिटायरमेंट होने का चांस मिलेगा नहीं मिलेगा। एक और कोरोना आएगा या फिर हार्ट अटैक आएगा। सो आपका क्या मानना है? क्या

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ऐसा होना चाहिए इंडिया में भी? यह पर्सनालिटी पर डिपेंड करता है कि बंदा कैसे उसकी लाइफ को जी रहा है। लाइक अगर

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ऑफिस के टाइम पे अगर ऑफिस का सोचो और घर पे आके आप लाइक ऑफिस का ही अगर सोचोगे तो

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आपकी मेंटल हेल्थ डिस्टर्ब होगी। वो ऑब्वियसली है और अगर घर की कोई अगर मैटर

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क्रिएट हुई है चलो फैमिली इश्यूज है आप वहां पे वर्क पे जाके आप वो फैमिली इश्यूज

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को हॉट करोगे तो उधर आपको वर्क एफिशिएंसी नहीं आएगी अगर आप सब ये सब चीजों को

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बैलेंस करके जाओगे और हां अभी लाइक एज अ

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ह्यूमन ये पांच सात सालों में हमने बहुत अप्स एंड डाउन्स देखे हैं रिसेंटली अपने

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जो अहमदाबाद में एक इश्यूज क्रिएट हुआ लाइक लाइफ का कोई भरोसा नहीं बना है। तो

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ये पॉइंट पे डिपेंड्स करता है कि आप कैसे माइंडसेट से आप लाइफ आपका स्पैन कर रहे हो। अगर मैं अगर पर्सनली मैं देखने जाता

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हूं तो मैं हां ऑफिस का काम किया। ओके प्रॉब्लम है बट प्रॉब्लम नीड सॉल्यूशन।

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उसको कैसा प्रॉब्लम है? तो अगर घर पे लेके जाने वाला प्रॉब्लम है तो आप थोड़ा वेट

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करो। वो प्रॉब्लम अगर सॉल्व हो जाता है तो सॉल्व करके ही घर पे जाओ। सो दैट्स व्हाई आपको आपका फैमिली तो जो टाइम आप स्पेंड

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करने वाले हो वो एक अच्छे से आप स्पेंड कर पाओगे। तो वो एक वैरे करता है। अगर आप अगर

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कंसिस्टेंसली पांच छ साल काम करोगे और वन ईयर का मिनी वेकेशन अभी जो ब्रेक आ रहा है

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कि नया एक ट्रेंड आया हुआ है यूएस मार्केट में वो करने जाओगे तो आपको आपके काम से भी

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एक डिस्टेंस हो जाओगे। जो एक साल में नया अपग्रेड हुआ है मार्केट उससे भी आप टाइम

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ब्रेक हो जाओगे तो वहां एक कनेक्टिविटी में थोड़ा इशू रिस्ट करने में आपको आएगा

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अगर मेंटेन करके चलोगे तो लॉन्ग टर्म आप सस्टेन कर पाओगे मार्केट पे

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एकदम आप आपका मानना है कि काम करते रहो बीच में वीकेंड पे या फिर कोई मंथ एंड पे

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वेकेशन मिनी दो-ती दिन का लेते रहो काफी लोग बोलते हैं कि एक्सपोर्ट में बहुत पैसा है मतलब

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Audi BMW डब्ल्यू यही सब लेते हैं। तो तो ऐसा कुछ नहीं है।

1:02:47

एक्सपोर्टर्स की लाइफ ऑलवेज स्ट्रगलिंग रही है। नॉट ओनली फॉर एक्सपोर्टर्स कि कोई

1:02:52

भी अगर बिजनेस कर रहे हो या जॉब कर रहे हो इवन दो वुमन है अगर वो घर भी संभाल रही

1:02:59

है। वो जॉब भी कर रहे हैं। लाइफ का एक दूसरा नाम भी स्ट्रगल है। तो स्ट्रगल तो है ही। ओके। किसी को रातोंरात सक्सेस कैसे

1:03:08

मिले? और अभी सोशल मीडिया का एक ट्रेंड चला है। कितनी फैक्ट प्रोफाइल्स भी है कि

1:03:14

हां भाई रियल लाइफ में कुछ नहीं है। और ऑन कैमरा कुछ अलग दिखा रहे हैं। ये सब से

1:03:22

थोड़ा दूर रहे तो ही अच्छा है। रियल लाइफ में रहो। रियल लाइफ एंजॉय करो। आज कॉरपोरेशन का लॉन्ग टर्म प्लान क्या


Adinath Corporation’s Long-Term Vision and IPO Plans

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Audi BMW डब्ल्यू यही सब लेते हैं। तो तो ऐसा कुछ नहीं है।

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एक्सपोर्टर्स की लाइफ ऑलवेज स्ट्रगलिंग रही है। नॉट ओनली फॉर एक्सपोर्टर्स कि कोई

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भी अगर बिजनेस कर रहे हो या जॉब कर रहे हो इवन दो वुमन है अगर वो घर भी संभाल रही

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है। वो जॉब भी कर रहे हैं। लाइफ का एक दूसरा नाम भी स्ट्रगल है। तो स्ट्रगल तो है ही। ओके। किसी को रातोंरात सक्सेस कैसे

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मिले? और अभी सोशल मीडिया का एक ट्रेंड चला है। कितनी फैक्ट प्रोफाइल्स भी है कि

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हां भाई रियल लाइफ में कुछ नहीं है। और ऑन कैमरा कुछ अलग दिखा रहे हैं। ये सब से

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थोड़ा दूर रहे तो ही अच्छा है। रियल लाइफ में रहो। रियल लाइफ एंजॉय करो। आज कॉरपोरेशन का लॉन्ग टर्म प्लान क्या

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है? आईपीओ करेंगे आप लोग? यह डिपेंड्स करता है। स्टिल वी आर गोइंग। आज हम सक्सेसफुल नहीं बोलना चाहेंगे। मगर

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स्टिल वी आर स्ट्रगलिंग और ग्रोइंग डे बाय डे अच्छा रहा तो अभी मार्केट में ट्रेंड

1:03:44

है भाई आईपी वपी होगा लेट्स सी विज़ तो है कैसे ग्रो हो रहा है डिपेंड्स करेगा आई

1:03:53

थिंक टू स्टार एक्सपोर्ट हाउस तो ड्रीम होता है काफी लोगों का लेकिन आप जैसे बोल रहे हो कि स्टिल यू आर ग्रोइंग मतलब कि

1:04:00

आपका विज़ बहुत बड़ा है और यही दिखता है आपके पूरी प्रोसेस मैन एंड अनिल भाई सो द


Rapid Fire Round with Nilbhai

1:04:06

फाइनल राउंड रैपिड फायर योर फेवरेट राउंड रेडी

1:04:15

सो दिल्ली का कोई काम जो आप किसी और को हैप्पीली दे दोगे डिपेंड्स ऑन पर्सन आदिनाथ कॉरपोरेशन को एक लाइन में डिफाइन

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करना हो तो मोस्ट ऑफ स्यूशन फॉर ट्रस्ट शिवजी को एक लाइन में डिफाइन करना हो तो

1:04:27

पार्ट ऑफ आदिनाथ वाओ कोई एक चीज जो अगर 100% ऑटोमेट हो जाए तो जिंदगी सॉर्टेड रहती

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बिनेस पर्सन के प्राइस से देखें तो फाइनेंशियल रेंज अगर बिजनेस एक क्रिकेट टीम होती आप कैप्टन

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या ऑलराउंडर होते ऑलराउंडर 2015 के नील भाई और आज के नील भाई में क्या डिफरेंट है

1:04:44

कीप इट अप ब्रो एक एक्सपोर्ट मेमोरी जो याद करके स्माइल आती है फर्स्ट कंसर्नमेंट ऑफ नॉलेज

1:04:50

अगर आपका फोन वॉलपेपर एक बिजनेस थोड़ होता तो क्या लिखा होता आपदा को अपोरर्चुनिटी में बदलता है सीख को

1:04:58

एक्स स्पाइस जो आपकी पर्सनालिटी से मिलती है सिनेमन सबसे ज्यादा हेडेक क्या देता है कस्टम

1:05:04

कंप्लायंस या क्लाइंट कॉल्स कंप्लाय कौन से मोमेंट पे लगता है कि अब तो एक स्ट्रांग चाय जरूरी है

1:05:10

आफ्टर दिस पडकास्ट बिजनेस के बाद अगर एक करियर चूज़ करना है तो वो क्या चूज़ करेंगे

1:05:16

चाय चाय या कॉफी चाय वाइन या वडकास्ट

1:05:22

नो अल्कोहलिक सो ये पडकास्ट में आपने नील भाई से काफी


Outro

1:05:28

सारी बातें सुनी काफी सारी नॉलेज नील भाई ने शेयर की नील भाई एक ऐसे यंगस्टर है कि

1:05:33

उनको अच्छा लगता है सबसे डिटेल में सब चीजें शेयर करने का। सो गाइस अगर कोई

1:05:39

क्वेश्चन है तो कमेंट में लिखिए जो भी क्वेश्चन है हम लोग ट्राई करेंगे आंसर देने के लिए। अगर नील भाई से आपको

1:05:46

कांटेक्ट करना है पर्सनली सो हमें बताइए। हम लोग वो ट्राई करेंगे आपसे कनेक्ट करने के लिए। अगर क्यूमिन में कुछ भी क्वेश्चन

1:05:53

है या फिर आप उजा मार्केट में जाके मिलना चाहते हो तो नील भाई ऑलवेज उन में अवेलेबल रहते हैं। सो आप जाके मिल सकते हो। एक वो

1:05:59

ऐसी पर्सनालिटी जिनको मिलके आपको लगेगा कि वाओ ऐसे भी बहुत अच्छे भी लोग होते हैं

1:06:04

मार्केट में। थैंक यू मुकेश भाई फॉर गिविंग अपोरर्चुनिटी। वेलकम अनिल भाई और हम लोग ट्राई करेंगे कि

1:06:10

आप एक और बार आए और काफी जो क्यूमिन के काफी सारे क्वेश्चन है तो उसको हम सॉल्व

1:06:16

करेंगे। डेफिनेटली आफ्टर ये सीजन के बाद फिर से चाय पे चर्चा करते हैं। एक्सपोर्ट

1:06:21

के करियर्स में अपने जो टैग है उसके बारे में भी अपने डिस्कस करेंगे और एक अच्छा सा

1:06:28

लेंथी सा एक शॉर्ट मूवी भी बनाएंगे। बनाएंगे। सो होपफुली गाइस वी विल डू इट

1:06:35

डेफिनेटली। और ये एक्सपोर्टर की जुबान है। तो जो बोलते हैं वो डेफिनेटली करते हैं और

1:06:40

जो नहीं बोलते वो तो करते ही है। थैंक यू गाइस।a` हैव अ नाइस डे।